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Bomb Threat
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Bomb Threat: गुरुवार यानी आज 8 फरवरी के दिन ग्रेटर चेन्नई सिलीकेट सीमा के कुछ स्कूलों को गुरुवार को एक अज्ञात व्यक्ति से स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है। पुलिस का कहना है कि ग्रेटर चेन्नई सिटी इन शैक्षणिक संस्थानों में जांच के लिए बम खोजी और निपटान दस्ते और पुलिस कर्मियों को भेजा गया है। साथ ही ईमेल भेजने वाले अपराधी की भी पहचान करने के लिए कार्यवाही की जा रही है। जेसीबी सीमा के कुछ शैक्षणिक संस्थानों में बम की धमकी वाले की मेल मिले हैं। टीमों को इन्शपेक्शन के लिए भेजा गया है और इन ईमेल भेजने वाले के अपराधी को पकड़ने के लिए जांच जारी। पुलिस नें सभी से अनुरोध किया है कि घबराएं नहीं। ग्रेटर चेन्नई सिटी पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है।

स्कूलों में डर का माहौल-

इस धमकी के चलते स्कूलों में डर का माहौल पैदा हो गया और बच्चों के प्रभारियों को जैसे इस बात की भनक लगी, वह अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूल पहुंच गए। उसके बाद अधिकारियों ने एतियातिक कदम उठाते हुए बच्चों को घर भेज दिया और परिसर में निरीक्षण करने का टीम को भेजा। छात्र और कर्मचारियों के सुरक्षित सुनिश्चित करने के लिए परिवहन सेवाएं निलंबित कर दी है। स्कूलों में बम की सूचना मिलने की खबर सुन कर बच्चों के माता-पिता भी स्कूलों की ओर दौड़ पड़े, जिसके कारण स्कूलों के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई।

बमडिटेक्शन टीमों-

वहीं कुछ स्कूलों में कानून परिवर्तन से मंजूरी की प्रतीक्षा करते हुए छात्रों को अपने परिसर में रहने दिया। स्कूलों और पुलिस के बीच सहयोगात्मक कोशिशें की संभावना खतरों के मुकाबले और छात्रों और कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता रेखांकित की गई है। स्कूलों में बम मिलने की सूचना के बाद से भारी संख्या में पुलिस बल स्कूल में पहुंच गए। ग्रेटर चेन्नई के पुलिस ने डिस्पोजल स्क्वॉड और बमडिटेक्शन टीमों को तैनात कर दिया है। अपराधियों की पहचान करने के प्रयास किया जा रहे हैं।

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सहयोगात्मक रहने के आग्रह-

अधिकारियों ने जनता से जांच प्रक्रिया के दौरान सहयोगात्मक रहने के आग्रह किए हैं। सूचना मिलने के बाद ही मौके पर पुलिस पहुंची और सर्च ऑपरेशन जारी किया। सावधानी पूर्वक जांच के लिए स्कूलों को खाली कर लिया गया, जिससे कि खतरे की चिंताएं कम हो गई। हालांकि व्यापक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों की तलाशी जारी है और कानून परिवर्तन एजेंसी लगातार कम हो रही है। शैक्षणिक संस्थाओं और उनके द्वारा सेवा प्रदान किए जाने वाले समुदायों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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