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Chirag Paswan
Photo Source - Twitter

Chirag Paswan: इस समय बिहार में राजनीती गर्माई हुई है, लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को यह दावा किया कि हर राजनीतिक दल चाहता है कि वह उनके पक्ष में आएं। यह सुझाव देते हुए कि वह उस दल की ओर झुक सकते हैं जो उन्हें बेहतर सौदा प्रदान करता है। एनडीए के सहयोगी के रूप में बिहार में विपक्षी गठबंधन, महागठबंधन ने पासवान से संपर्क किया है। साहिबगंज विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए पासवान ने संकेत दिया कि वह अपने विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और उस पक्ष के साथ जुड़ सकते हैं जो कि बेहतर सौदेबाजी प्रदान करता है।

राजनीतिक संबंध-

उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि उनकी राजनीतिक संबंध के बारे में मीडिया के जिज्ञासा के बावजूद उनका जुड़ाव पूरी तरह से बिहार के लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि मैं यहां मीडिया कर्मियों की भीड़ देख सकता हूं, जो यह जानने के लिए काफी एक्साइटेड है कि चिराग पासवान किसके साथ गठबंधन करने वाले हैं, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि चिराग पासवान सिर्फ बिहार के लोगों के साथ जुड़े हुए हैं।

चिराग पासवान-

हर पार्टी हर गठबंधन चाहता है कि चिराग पासवान उनके साथ रहें। यह उनका पक्ष है हालांकि उन्होंने एनडीए के अंदर अपने विरोधियों जैसे कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस जो दिवंगत नेता की पार्टी से अलग हो गए थे के नाम का जिक्र करने से परहेज किया। लेकिन पासवान ने उन सारी चीजों के बारे में बात की जिनका सामना उन्होंने किया है।

तमाम कोशिशें नाकाम-

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उनके परिवार, घर और पार्टी को तोड़ने की तमाम कोशिशें नाकाम रही है। वैशाली लोकसभा सीट के अंतर्गत साहिबगंज में रैली को पासवान द्वारा अपने पिता की विरासत पर दावा करने के नवीनतम प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है। पहले उन्होंने घोषणा की थी कि लोक जनशक्ति पार्टी एक अलग समूह है, जिसका वह अब नेतृत्व करने वाले हैं। उनकी पार्टी हाजीपुर में चुनाव लड़ेगी।

6 से ज्यादा सीटों के साथ समर्थन-

एक सीट जिसका उनके दिवगंत पिता ने कई बार प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि महागठबंधन द्वारा पासवान को दिए गए प्रस्ताव के बारे में कोई सटीक जानकारी सामने नही आई है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्हें 6 से ज्यादा सीटों के साथ समर्थन दिया जा सकता है। 2019 के चुनाव में लोजपा ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा और सभी पर विजय भी हुई। हालांकि एनडीए में दो छोटी पर्टियों राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के शामिल होने से लोजपा को इस बार कम सीटों से संतोष करना पड़ सकता है।

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आरएलजेपी के प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल-

आरएलजेपी के प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने कहा कि हाजीपुर या हमारी पार्टी की अन्य चार सीटों में से किसी को भी छोड़ने का कोई सवाल नहीं है। हमें यकीन है कि बीजेपी हमारे दावे का सम्मान करेगी। क्योंकि हम एनडीए के स्वाभाविक सहयोगी हैं और क्यों उन्हें दूसरी तरफ से ऑफर मिल रहा है। लेकिन कोई भी इस तरह के प्रलोभन के साथ हमारे पास आने की हिम्मत नहीं करता। हालांकि किसी भी नेता ने रिकॉर्ड पर यह नहीं बताया कि पासवान को क्या प्रस्ताव दिया गया है। गठबंधन के सूत्रों के मुताबिक जिसमें राजद, कांग्रेस और तीन वामपंथी दल शामिल है ने कहा कि उन्हें 6 से ज्यादा सीटों के साथ का ऑफर दिया जा सकता है।

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