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APP: शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जारी नोटिस पर APP ने भारतीय जनता पार्टी की आलोचना की। भाजपा ने पार्टी के विधायकों को तोड़ने के प्रयास किया है। आप नेता जैस्मिन शाह ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अमेजॉन और फ्लिपकार्ट की डिलीवरी बॉय की तरह नोटिस देने के लिए दिल्ली पुलिस को 5 घंटे तक सड़क पर खड़ा रखा। आम आदमी पार्टी के नेता का कहना है कि यह दुखद है, बीजेपी ने दिल्ली पुलिस को अमेजॉन और फ्लिपकार्ट की डिलीवरी की तरह बॉय की तरह सिर्फ नौटंकी करने के लिए 5 घंटे तक सड़क पर खड़ा रखा। उन्हें इसके बजाय अपराध से लड़ना चाहिए। हमारी सहानुभूति उनके साथ है।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा-

शनिवार को अरविंद केजरीवाल के आवास पर यह उस समय हुआ। जब दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम उन्हें इस दावे पर जांच में शामिल होने के लिए नोटिस देने के लिए दोबारा पहुंची, कि बीजेपी आप विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के आधिकारिक निर्देशन वाली टीम ने जोर देकर कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से अरविंद केजरीवाल को नोटिस सौपेंगे। जबकि मुख्यमंत्री आवास के अधिकारियों ने कहा कि वह नोटिस लेने और रसीद देने के लिए तैयार हैं।

आम आदमी पार्टी की जैस्मिन शाह-

दोनों पक्षों के बीच करीब 5 घंटे तक चली टकराव के बाद दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर तैनात कर्मचारियों को नोटिस दिया। आम आदमी पार्टी की जैस्मिन शाह ने यह दावा किया है कि नोटिस में समन, FIR या फिर आईपीसी, सीआरपी की किसी भी धारा के बारे में कुछ शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक श्वेत पत्र पर एक पत्र है। इससे पहले दिन में दिल्ली पुलिस की एक टीम ने वित्त मंत्री अतिशी को नोटिस दिया था। जिसमें आरोप लगाए थे कि बीजेपी आम आदमी पार्टी के विधायक को खरीदने का प्रयास कर रही है।

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खरीद-फरोश्त के आरोप-

पीटीआई के मुताबिक, क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बीजेपी पर लगे खरीद-फरोश्त के आरोप पर जानकारी मांगी थी। दोनों से 5 फरवरी को नोटिस में जवाब देने के लिए कहा गया। पुलिस की यह कार्यवाही अरविंद केजरीवाल और अतिशी के इस दावे के कुछ दिनों बाद हुई। बीजेपी आप सरकार को गिराने के लिए 25-25 करोड रुपए और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में लड़ने के लिए टिकट की पेशकश करके विधायकों को अपने पाले में लेने की कोशिश कर रही थी। इसी बीच भाजपा ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि यह झूठ और आधारहीन है। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने दावों के समर्थन में सबूत देने की चुनौती दी।

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