Trump Ultimatum to Iran
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    Trump Ultimatum to Iran: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब अपने चौथे हफ्ते में है और हालात हर गुज़रते दिन के साथ और ख़तरनाक होते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को एक कड़ा अल्टीमेटम दिया है, 48 घंटे के अंदर होरमुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलो वरना अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को तबाह कर देगा। यह चेतावनी तब आई, जब ईरानी मिसाइलों ने इज़राइल के परमाणु शोध केंद्र के पास के दो शहरों को निशाना बनाया।

    डिमोना और अराद पर मिसाइलें-

    रविवार की सुबह इज़राइल के दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद में सायरन बजने लगे और ईरानी मिसाइलें आ गिरीं। इन हमलों में कम से कम 64 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और दोनों शहरों में भारी नुकसान हुआ। सबसे बड़ी चिंता यह रही कि इज़राइल की वायु रक्षा प्रणाली इन मिसाइलों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने सोशल मीडिया पर लिखा, कि इतने सुरक्षित इलाके में मिसाइलें न रोक पाना इस संघर्ष के एक नए दौर की शुरुआत का संकेत है।

    होरमुज़ वो रास्ता जिस पर टिकी है दुनिया की तेल आपूर्ति-

    होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के तेल परिवहन का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। इस रास्ते से दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल गुज़रता है। ईरान के व्यापारिक जहाज़ों पर हमलों और आगे के हमलों की धमकियों ने तेल टैंकरों के संचालन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ईरान के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के प्रतिनिधि सैयद अली मूसवी ने कहा, कि जलडमरूमध्य से केवल उन जहाज़ों को गुज़रने दिया जाएगा, जिन्हें ईरान दुश्मन नहीं मानता, यानी ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है।

    ईरान की जवाबी धमकी-

    ट्रम्प की चेतावनी के जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया। तेहरान ने साफ कहा, कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो वो क्षेत्र में अमेरिकी और इज़राइली ऊर्जा संपत्तियों को निशाना बनाएगा, खासतौर पर सूचना प्रौद्योगिकी और जल विलवणीकरण सुविधाओं को। यानी दोनों तरफ से ऐसी धमकियां दी जा रही हैं, जिनके पूरा होने पर वैश्विक ऊर्जा और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है।

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    मानवीय संकट-

    इस युद्ध की सबसे दर्दनाक कहानी आम लोगों की है। अब तक ईरान में 1500 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इज़राइल और पश्चिमी तट पर भी जानें गई हैं। लेबनान में इज़राइल के हिज़्बुल्लाह के खिलाफ हमलों में भारी जनहानि और विस्थापन हुआ है। वहीं अमेरिकी रक्षा विभाग ने ईरान के नतान्ज़ परमाणु स्थल पर हुए हमले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है। यह युद्ध अब सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रही, यह पूरी दुनिया की शांति और स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।