Dimona Israel's Little India
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    Dimona Israel’s Little India: 21 मार्च की रात इज़राइल के दक्षिणी इलाके में दो शहरों डिमोना और अराद पर ईरानी मिसाइलें आ गिरीं। इस हमले में 100 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। इज़राइल की वायु रक्षा प्रणाली इन मिसाइलों को रोकने में नाकाम रही, जो अपने आप में एक बड़ी चिंता की बात है। ईरानी सरकारी टेलीविज़न ने कहा, कि यह हमला इज़राइल के नतान्ज़ स्थित ईरानी परमाणु केंद्र पर हुए हमले का जवाब था। लेकिन इस पूरी खबर में जो बात सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली थी, वो थी डिमोना का एक अनोखा उपनाम ‘Little India’ यानी ‘छोटा भारत’।

    डिमोना को ‘छोटा भारत’ क्यों कहते हैं?

    नेगेव रेगिस्तान में बसा डिमोना शहर इज़राइल के परमाणु कार्यक्रम का केंद्र है लेकिन इसकी एक और पहचान है, जो बहुत कम लोग जानते हैं। यहां भारतीय मूल के यहूदियों की एक बड़ी और जीवंत बस्ती है, खासकर Bene Israel समुदाय के लोग जिनकी जड़ें महाराष्ट्र से जुड़ी हैं। दशकों में हज़ारों भारतीय यहूदी महाराष्ट्र से इज़राइल आकर बसे और डिमोना उनका घर बन गया। उनकी संस्कृति, खान-पान और परंपराएं आज भी इस शहर में ज़िंदा हैं। इसीलिए इस शहर को प्यार से ‘छोटा भारत’ कहा जाता है।

    परमाणु रहस्यों का शहर-

    डिमोना सिर्फ भारतीय यहूदियों का घर नहीं है, यह इज़राइल के सबसे संवेदनशील और गोपनीय ठिकानों में से एक है। यहां नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है, जो इज़राइल के अघोषित परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा माना जाता है। दशकों से यह शहर अंतरराष्ट्रीय जांच और क्षेत्रीय तनाव का केंद्र रहा है। ईरान ने जब इसी शहर को निशाना बनाया तो यह साफ हो गया, कि यह हमला सामरिक दृष्टि से कितना महत्वपूर्ण था।

    IAEA बोला परमाणु केंद्र सुरक्षित है-

    हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह था, कि क्या परमाणु केंद्र को नुकसान पहुंचा। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA ने X पर पोस्ट करके बताया, कि नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को किसी नुकसान की कोई जानकारी नहीं मिली है और क्षेत्र में विकिरण का स्तर सामान्य है। IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपील की और कहा, कि परमाणु सुविधाओं के आसपास खासतौर पर सावधानी ज़रूरी है।

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    ट्रम्प की चेतावनी और बढ़ता संकट-

    इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, कि वो होरमुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोले वरना ईरान के बिजली ढांचे पर हमले होंगे। इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी कहा, कि हमले जारी रहेंगे। ‘छोटे भारत’ पर हुए इस हमले ने एक बार फिर साबित किया, कि यह युद्ध अब सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रही, इसकी आंच पूरी दुनिया महसूस कर रही है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना संभव नहीं है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।