Netanyahu: पश्चिम एशिया में युद्ध की आग के बीच सोशल मीडिया पर एक और तूफान आ गया। अफवाह यह थी, कि इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक ईरानी मिसाइल हमले में मारे गए हैं। इंटरनेट पर ऐसी तस्वीरें और वीडियो फैलने लगे, जिनमें नेतन्याहू को खून से लथपथ और मलबे में दबा दिखाया गया था। यह खबर इतनी तेज़ी से फैली कि नेतन्याहू के दफ्तर को सफाई देने के लिए खुद मैदान में उतरना पड़ा।
Proof of Life यह शब्द क्यों बना चर्चा का केंद्र?
इस पूरे प्रकरण ने एक शब्द को सुर्खियों में ला दिया, ‘proof of life’ यानी जीवित होने का प्रमाण। यह वो प्रक्रिया है, जिसके ज़रिए किसी व्यक्ति के ज़िंदा होने की पुष्टि की जाती है। युद्ध, संघर्ष या बंधक जैसी परिस्थितियों में यह प्रमाण किसी हालिया वीडियो, तस्वीर, आवाज़ की रिकॉर्डिंग या लिखित संदेश के रूप में दिया जाता है।
אומרים שאני מה? צפו >> pic.twitter.com/ijHPkM3ZHZ
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) March 15, 2026
ईरान युद्ध में यह शब्द इसलिए चर्चा में आया क्योंकि इज़राइल और अमेरिका ने ईरान के कई बड़े नेताओं को समाप्त कर दिया है, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई, सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब शामिल हैं।
पहला वीडियो आया-
अफवाहों को काटने के लिए नेतन्याहू ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें वो एक कॉफी शॉप में बैठे बरिस्ता से बात कर रहे थे। लेकिन इस वीडियो ने अफवाहें खत्म करने की बजाय नई बहस छेड़ दी। सोशल मीडिया पर लोग वीडियो के एक-एक फ्रेम को जांचने लगे और दावा किया, कि इसमें AI द्वारा बनाए जाने के संकेत दिख रहे हैं। Elon Musk की कंपनी के AI चैटबॉट Grok ने भी गलती से यह लिख दिया, कि यह वीडियो AI से बनाया गया है और यह पोस्ट एक लाख से ज़्यादा बार देखी गई।
Crossing names off the list is good – doing it shoulder to shoulder with our American friends is even better.
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) March 17, 2026
Good to see Ambassador @GovMikeHuckabee. Always a pleasure.
🇮🇱🇺🇸 pic.twitter.com/FZrZN03IZI
दूसरा वीडियो अंगूठी गायब हुई तो शक और बढ़ा-
दूसरे वीडियो में नेतन्याहू यरुशलम में टहलते हुए आम लोगों से बात करते दिखे। एक जगह उन्होंने एक कुत्ते को देखकर पूछा “यह किसका कुत्ता है? कौन सी नस्ल है?” महिला ने जवाब दिया “Canaanite-Israeli”। लेकिन इस बार भी शक नहीं थमा। लोगों ने दावा किया कि वीडियो में नेतन्याहू की अंगूठी एक पल के लिए गायब हो जाती है और फिर वापस आ जाती है। एक उपयोगकर्ता ने लिखा “0:28 सेकंड पर उनके हाथ की अंगूठी गायब हो जाती है, यह AI है।”
שומרים על ההנחיות ומנצחים ביחד >> pic.twitter.com/HC5w3PqKuV
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) March 16, 2026
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तीसरा वीडियो-
इन सभी दावों को खारिज करने के लिए नेतन्याहू ने तीसरा वीडियो जारी किया, इस बार अमेरिकी राजदूत Mike Huckabee के साथ। 17 मार्च को साझा इस वीडियो में नेतन्याहू ने खुद कहा, “मैं ज़िंदा हूं और पांचों उंगलियों से हाथ मिला रहा हूं।” यह पूरा प्रकरण एक बड़े खतरे की ओर इशारा करता है, जिसे ‘liar’s dividend’ कहते हैं यानी जब असली वीडियो को भी AI से बना हुआ बताकर झुठला दिया जाए। AI के इस युग में सच और झूठ के बीच की रेखा खतरनाक रूप से धुंधली होती जा रही है।
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