India Advisory Iran: मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। मंगलवार को जारी इस अलर्ट में साफ कहा गया है, कि अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील हैं, इसलिए सभी भारतीय जहां हैं, वहीं रहें और बिना जरूरी कारण बाहर न निकलें। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं, कि छोटी सी लापरवाही भी खतरा बन सकती है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की सख्त चेतावनी-
एंबेसी ऑफ इंडिया तेहरान ने 7 अप्रैल को जारी नोटिस में भारतीयों को खास हिदायत दी है, कि वे “extreme caution” बरतें। एडवाइजरी के मुताबिक, लोगों को इलेक्ट्रिक इंस्टॉलेशन, मिलिट्री एरिया और मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स की ऊपरी मंजिलों से दूर रहने को कहा गया है। साथ ही किसी भी तरह की मूवमेंट से पहले एम्बेसी से संपर्क करना जरूरी बताया गया है।
जो लोग एम्बेसी द्वारा दिए गए आवास में रह रहे हैं, उन्हें भी सख्ती से घर के अंदर रहने और अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में बने रहने के निर्देश दिए गए हैं। इससे साफ है, कि स्थिति कितनी संवेदनशील और अनिश्चित बनी हुई है।
डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बढ़ी टेंशन-
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप का एक बयान सामने आया है, जिसने हालात को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, कि “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।” उनका यह बयान सीधे तौर पर ईरान को संबोधित माना जा रहा है।
ट्रंप ने यह भी कहा, कि वह ऐसा नहीं चाहते, लेकिन हालात उसी दिशा में बढ़ते दिख रहे हैं। उन्होंने रिजिम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन की बात भी कही और संकेत दिया, कि इससे भविष्य में कुछ सकारात्मक हो सकता है। उनका यह बयान पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका-ईरान संबंधों के सबसे आक्रामक संकेतों में से एक माना जा रहा है।
ईरान का जवाब-
वहीं ईरान ने इस अल्टीमेटम को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने साफ कहा है, कि वे किसी भी दबाव या खोखले वादों के आगे नहीं झुकेंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है, कि अगर स्थिति और बिगड़ी तो वे अमेरिका के सहयोगियों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकते हैं। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है, जिससे आम लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
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भारतीय नागरिकों के लिए क्या है जरूरी-
भारतीय दूतावास ने साफ किया है, कि इमरजेंसी हेल्पलाइन पूरी तरह एक्टिव हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद दी जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है, कि वे अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें और अपनी लोकेशन व स्थिति की जानकारी एम्बेसी के साथ शेयर करते रहें। यह स्थिति सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि हजारों आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला बन चुकी है। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
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