Papaya Seeds Health Benefits: पपीता खाते वक्त हम सभी उसके बीजों को बिना सोचे-समझे कूड़ेदान में फेंक देते हैं। स्वाद की बात करें, तो ये बीज कड़वे और तीखे होते हैं, इसलिए इन्हें फेंकना आसान लगता है। फलों के बीज, खासकर पपीते के बीजों को शायद ही कभी खाने योग्य माना जाता है। लेकिन रिसर्च बताती है, कि ये छोटे काले बीज उतनी ही बायोलॉजिकल एक्टिविटी रखते हैं, जितना ज्यादातर लोग सोच भी नहीं सकते।
जर्नल ऑफ फार्माकोग्नोसी एंड फाइटोकेमिस्ट्री में 2017 में प्रकाशित एक रिव्यू ने पपीते के बीजों के न्यूट्रिशनल और मेडिसिनल प्रॉपर्टीज की जांच की। इसमें लैबोरेटरी, एनिमल और इन-विट्रो स्टडीज के निष्कर्षों को संकलित किया गया। आइए जानते हैं कि विज्ञान क्या कहता है।
बैक्टीरिया से लड़ने में हैं माहिर-
लाइव मिंट के मुताबिक, पपीते के बीज के एक्सट्रैक्ट ने लैब स्टडीज में ई. कोलाई, साल्मोनेला और स्टैफिलोकोकस जैसे हानिकारक बैक्टीरिया को रोकने की क्षमता दिखाई है। यह आपके लिए एक संकेत हो सकता है कि आप इन्हें कभी-कभार खाएं। रिसर्चर्स इस प्रभाव का श्रेय पपीते में मौजूद बेंजाइल आइसोथियोसाइनेट जैसे कंपाउंड को देते हैं, जो पौधे की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली में अहम भूमिका निभाता है।
आंतों के परजीवियों से मुकाबला-
पपीते के बीजों का एक बेहतर तरीके से दस्तावेजीकृत पारंपरिक उपयोग परजीवी नियंत्रण रहा है। रिव्यू में उद्धृत अध्ययनों ने संकेत दिया है कि शहद के साथ लिए गए सूखे पपीते के बीजों ने आंतों के परजीवियों के खिलाफ महत्वपूर्ण प्रभाव दिखाया। इसमें बहुत सीमित और न्यूनतम साइड इफेक्ट्स भी रिपोर्ट किए गए।
एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर-
पपीते के बीज के वॉटर एक्सट्रैक्ट को मानव त्वचा फाइब्रोब्लास्ट सेल्स में मजबूत फ्री-रेडिकल स्कैवेंजर्स के रूप में देखा गया, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के संपर्क में होती हैं। कुछ टेस्ट्स में एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव विटामिन सी के बराबर या उससे अधिक था।
पाचन स्वास्थ्य को करते हैं मजबूत-
अध्ययन से पता चलता है कि पपीते के बीजों में पपैन सहित एंजाइम होते हैं, जो प्रोटीन को तोड़ने में मदद करते हैं। यह पाचन संबंधी उपचारों में उनके लंबे समय से उपयोग और एनिमल स्टडीज में रिपोर्ट की गई एंटी-अल्सर एक्टिविटी की व्याख्या कर सकता है।
अमीबा के खिलाफ असरदार-
रिव्यू में उन अध्ययनों पर प्रकाश डाला गया है जहां परिपक्व पपीते के बीजों के एक्वेस एक्सट्रैक्ट ने एंटअमीबा हिस्टोलिटिका के खिलाफ महत्वपूर्ण एंटी-अमीबिक प्रभाव प्रदर्शित किए। यह एक ऐसा परजीवी है जो आंतों के संक्रमण से जुड़ा हुआ है।
कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को करते हैं कंट्रोल-
पेपर में संदर्भित एनिमल स्टडीज में पाया गया कि पपीते के बीज के एक्सट्रैक्ट ने चूहों में टोटल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज लेवल को डोज-डिपेंडेंट तरीके से कम किया।
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कैंसर से जुड़ी एक्टिविटी पर हो रही है स्टडी-
पपीते के बीज आइसोथियोसाइनेट्स, लाइकोपीन और फिनोलिक्स जैसे बायोएक्टिव कंपाउंड से भरपूर होते हैं। लैबोरेटरी अध्ययनों में इन कंपाउंड्स ने कुछ कैंसर सेल लाइन्स की वृद्धि को प्रभावित किया, हालांकि लेखकों ने जोर देकर कहा, कि मानव परीक्षण अभी भी कमी है। फिर भी यह शोध का एक आशाजनक क्षेत्र है जो भविष्य में महत्वपूर्ण परिणाम दे सकता है।
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