China Poverty Alleviation Model: सोचिए अगर किसी देश ने सिर्फ 40 सालों में 80 करोड़ लोगों की ज़िंदगी बदल दी हो, उन्हें उस भयंकर गरीबी से निकाला हो, जहां दिन में दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं होती। यह कोई कहानी नहीं, बल्कि चीन की हकीकत है, जिसे वर्ल्ड बैंक और तमाम अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा आर्थिक चमत्कार मानती हैं। दुनिया भर में गरीबी कम करने का जितना भी श्रेय है, उसमें से 70 फीसदी से ज़्यादा अकेले चीन को जाता है।
शुरुआत हुई 1978 में एक नीति ने बदली तस्वीर-
यह सफर शुरू हुआ 1978 में जब Deng Xiaoping ने “Reform and Opening-up” नीति लागू की। पहले खेती पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में थी, लेकिन इस नीति के तहत ज़मीन किसानों को वापस दी गई, जिससे उनकी पैदावार और कमाई दोनों बढ़ीं। इसके साथ ही शेन्ज़ेन जैसे शहरों में स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन्स बनाए गए जहां विदेशी निवेश आया और करोड़ों लोग गांव छोड़कर शहरों की फैक्टरिज़ में काम करने पहुंचे। खेती से उद्योग की तरफ यह बदलाव चीन की गरीबी उन्मूलन की नींव बना।
2013 में आया सबसे बड़ा बदलाव-
जब देखा गया, कि कुछ लोग अभी भी पीछे छूट रहे हैं, तो राष्ट्रपति Xi Jinping ने “Targeted Poverty Alleviation” यानी लक्षित गरीबी उन्मूलन की शुरुआत की। इसके तहत हर गरीब परिवार का डिजिटल रिकॉर्ड बनाया गया, उनकी बीमारी, बेरोज़गारी या शिक्षा की कमी सब ट्रैक की गई और उसी हिसाब से मदद दी गई।
जो लोग दूर-दराज़ पहाड़ों पर रहते थे जहां सड़क पहुंचाना नामुमकिन था, उन्हें सरकार ने नए घर बनाकर शहरों के पास बसाया। गांवों को इंटरनेट से जोड़ा गया, जिससे लोग अपना सामान सीधे ऑनलाइन बेच सकें।
पांच खंभों पर टिका था यह पूरा ढांचा-
चीन की इस कामयाबी के पीछे पांच मज़बूत स्तंभ थे। शिक्षा के क्षेत्र में लोगों को स्कील-बेस्ड ट्रेनिंग दी गई। बुनियादी ढांचे में हाई-स्पीड-रेल और सड़कों के ज़रिए दूर के गांवों को बाज़ार से जोड़ा गया। स्वास्थ्य सेवाओं को इतना सस्ता किया गया, कि बीमारी की वजह से कोई दोबारा गरीबी में न धंसे। लाखों सरकारी अफसरों को गांवों में भेजा गया और मोबाइल पेमेंट और इंटरनेट को हर कोने तक पहुंचाया गया। 2020 तक चीन ने दावा किया, कि उसने अपने देश से “Absolute Poverty” पूरी तरह खत्म कर दी।
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क्या अभी भी बाकी है कोई चुनौती?
चीन ने $2.30 प्रतिदिन की कसौटी पर अत्यधिक गरीबी ज़रूर खत्म की, लेकिन शहर और गांव के बीच आय का अंतर अभी भी बड़ी चुनौती है। इसीलिए अब चीन का ध्यान “Common Prosperity” यानी सबकी आय एक साथ बढ़ाने पर है। यह कहानी बताती है, कि अगर सरकारी इरादा मज़बूत हो और आर्थिक विकास सही दिशा में हो, तो करोड़ों लोगों की किस्मत बदली जा सकती है।
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