Raghav Chadha Viral Video
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    Raghav Chadha Viral Video: AAP ने जैसे ही राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाया, कुछ ही घंटों में चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाल दिया। करीब पौने तीन मिनट के इस वीडियो में उन्होंने संसद में उठाए अपने तमाम अहम मुद्दे दिखाए। वीडियो के साथ उन्होंने सिर्फ एक नज़र न लगे वाली आंख का इमोजी लगाया, बिना एक शब्द लिखे, सब कुछ कह दिया। यह वीडियो उनका जवाब था शांत, लेकिन दमदार।

    डेटा की मियाद और आम आदमी की जेब-

    चड्ढा ने संसद में सवाल उठाया था, कि जब कोई ग्राहक पूरे पैसे देकर मोबाइल डेटा खरीदता है, तो दिन के अंत में बचा हुआ डेटा क्यों खत्म हो जाता है? उन्होंने मांग की कि बचा हुआ डेटा अगले दिन चलता रहे या किसी को दिया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने 28 दिन के रिचार्ज चक्र पर भी निशाना साधा, जिसकी वजह से लोग साल में 12 नहीं, बल्कि 13 महीने का रिचार्ज करते हैं। उन्होंने यह भी कहा, कि रिचार्ज खत्म होते ही OTP और ज़रूरी कॉल्स भी बंद हो जाती हैं, जो कि बिल्कुल गलत है।

    पिता को भी मिले छुट्टी, बैंक बंद करें जुर्माना-

    चड्ढा ने संसद में आवाज़ उठाई, कि बच्चे की देखभाल सिर्फ मां की ज़िम्मेदारी नहीं, पिता को भी पितृत्व अवकाश यानी पैरेंटिंग कानूनी हक के रूप में मिलनी चाहिए। उन्होंने बैंकों पर भी हमला बोला और कहा, कि न्यूनतम राशि न रखने पर लगाया जाने वाला जुर्माना किसानों, पेंशनरों और गरीबों की कमर तोड़ रहा है। बैंकों ने इस मद में हज़ारों करोड़ रुपये वसूले हैं।

    गिग वर्कर से लेकर हवाई यात्री तक की बात-

    चड्ढा ने उन लाखों लोगों की भी बात की जो खाना और सामान पहंचाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा, कि इन मेहनतकश लोगों को न सामाजिक सुरक्षा मिलती है, न उचित मज़दूरी। हवाई यात्रियों के लिए भी उन्होंने आवाज़ उठाई, एयरलाइन कंपनियां अतिरिक्त सामान पर तुरंत जुर्माना लगाती हैं, लेकिन उड़ान में देरी पर कोई मुआवज़ा नहीं देतीं। हवाई अड्डों पर खाने-पीने की आसमान छूती कीमतों पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

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    स्वास्थ्य जांच हो हर नागरिक का हक-

    चड्ढा का सबसे दिल को छूने वाला मुद्दा था, सालाना स्वास्थ्य जांच। उन्होंने कहा, कि आज देश में नियमित स्वास्थ्य जांच सिर्फ अमीरों की पहुंच में है। यह हर नागरिक का हक होना चाहिए। समय पर जांच से बीमारियां जल्दी पकड़ में आती हैं और लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।

    इसके अलावा उन्होंने खाद्य उत्पादों पर भ्रामक लेबलिंग, विवाहित जोड़ों के लिए संयुक्त कर दाखिला जैसे मुद्दे भी उठाए। पद गया, लेकिन राघव चड्ढा ने एक वीडियो से यह साबित कर दिया, कि उनकी आवाज़ आम आदमी की आवाज़ है और वो चुप नहीं हैं।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।