Sensodyne Toothpaste: आप रोज़ सुबह उठकर दांत साफ करते हैं और उम्मीद करते हैं, कि जो पेस्ट आप इस्तेमाल कर रहे हैं वो असली है। लेकिन दिल्ली से आई एक खबर ने यह भरोसा हिला दिया है। दिल्ली पुलिस की Crime Branch ने 2 अप्रैल को खंजावला इलाके में एक गोदाम पर छापा मारा और वहां से नकली Sensodyne टूथपेस्ट का एक बड़ा जखीरा पकड़ा। करीब 200 किलो नकली टूथपेस्ट, पैकिंग और प्रिंटिंग की मशीनें और ढेर सारी खाली ट्यूब्स बरामद की गईं।
कौन था इस खेल के पीछे?
पुलिस ने रोहिणी के सेक्टर-2 निवासी हरि ओम मिश्रा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने माना, कि उसने यह गोदाम किराए पर लिया था और वहां खाली Sensodyne की ट्यूब्स में घर पर तैयार किया गया पेस्ट भरकर बाज़ार में बेचता था। न कोई लाइसेंस, न कोई अनुमति बस नकली माल असली ब्रांड के नाम पर। Sensodyne कंपनी के अधिकारियों ने छापे के दौरान मौके पर ही पुष्टि की, कि बरामद सभी सामान नकली है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और कॉपीराइट Act के तहत मामला दर्ज किया है।
कैसे पकड़ा गया यह खेल?
Delhi Police की क्राइम ब्रांच को ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर यह पूरी तरह सुनियोजित छापेमारी की गई। पुलिस ने X पर लिखा कि एक जानी-मानी टूथपेस्ट ब्रांड की नकल बनाने वाली इस फैक्ट्री को खत्म किया गया है और फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई बताती है, कि कैसे बड़े ब्रांड के नाम का फायदा उठाकर आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था।
द्वारका में भी मिला नकली खाने-पीने का धंधा-
यह मामला अकेला नहीं था। उसी दौरान द्वारका इलाके में भी दिल्ली पुलिस ने एक और नकली खाद्य सामग्री की इकाई का पर्दाफाश किया। यहां आरोपी एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री सस्ते में खरीदते थे, उनकी एक्पायरी डेट हटाते थे और नई नकली डेट्स की स्टीकर लगाकर दोबारा बेचते थे। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने प्रिंटिंग मशीन, रसायन और 3,096 कोल्ड ड्रिंक के डिब्बे बरामद किए।
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सावधान रहें नकली माल की पहचान करें-
यह खबर एक बड़ी चेतावनी है। जब आप कोई जाने-माने ब्रांड का प्रोडक्ट खरीदें तो पैकेजिंग ध्यान से देखें, सील चेक करें और किसी संदिग्ध दुकान या असामान्य रूप से सस्ते प्रोडक्ट से सावधान रहें। नकली उत्पाद सिर्फ पैसे की बर्बादी नहीं, ये सेहत के लिए भी खतरनाक हो सकते हैं।
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