Pune Gas Leak: महाराष्ट्र के पुणे से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां देर रात क्लोरीन गैस लीक होने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना गंगाधाम चौक के पास एक बंद पड़े गोदाम में हुई, जिसके बाद आसपास के लोगों को सांस लेने में दिक्कत, गले और नाक में जलन जैसी समस्याएं होने लगीं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुल 24 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिनमें चार बच्चे और दो फायरकर्मी भी शामिल हैं।
आधी रात को हुआ हादसा, लोगों में मचा डर-
यह घटना रात करीब 12:50 बजे सामने आई, जब स्थानीय लोगों ने अचानक तेज जलन और सांस लेने में परेशानी महसूस की। देखते ही देखते पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया और लोगों ने तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करना शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच के दौरान एक क्लोरीन गैस सिलेंडर में लीक का पता चला। बताया जा रहा है कि यह गोदाम पहले पानी शुद्धिकरण से जुड़ी एक कंपनी का था, जो अब बंद हो चुका है।
लीक सिलेंडर बना खतरे की वजह-
फायर अधिकारियों के अनुसार, गैस एक पुराने और बिना देखरेख के छोड़े गए क्लोरीन टैंक से लीक हो रही थी। यह टैंक लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं था, लेकिन उसे सुरक्षित तरीके से हटाया नहीं गया था। इसी लापरवाही ने इस हादसे को जन्म दिया।
जैसे ही गैस फैलने लगी, आसपास के घरों में रहने वाले लोग प्रभावित होने लगे और कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें-
फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत इलाके को खाली कराया और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। प्रभावित लोगों को एंबुलेंस के जरिए ससून जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान राहत कार्य में जुटे दो फायरकर्मी भी गैस की चपेट में आ गए और उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
कैसे काबू में लाई गई गैस लीक-
गैस लीक को कंट्रोल करने के लिए फायर टीमों ने खास सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही केमिकल प्रक्रिया के जरिए क्लोरीन गैस को न्यूट्रल किया गया, जिससे स्थिति को काबू में लाया जा सका। यह पूरी प्रक्रिया काफी जोखिम भरी थी, लेकिन टीमों ने तेजी और सावधानी से काम करते हुए बड़े हादसे को टाल दिया।
ये भी पढ़ें- Honeymoon Murder Case: जानिए कैसे गलत FIR की वजह से सोनम रघुवंशी को कैसे मिली बेल
जांच शुरू, जिम्मेदारी तय होगी-
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है। अधिकारियों ने इस बात की जांच शुरू कर दी है. कि यह गोदाम किस स्थिति में था और वहां खतरनाक केमिकल को बिना सुरक्षा के क्यों छोड़ा गया। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस की निगरानी में पूरे मामले की जांच की जा रही है, ताकि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सके।
ये भी पढ़ें- जानिए क्या है 81,000 करोड़ का Great Nicobar Project? जिसे राहुल गांधी ने बताया सबसे बड़ा घोटाला



