School Electricity Generator Fees
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    School Electricity Generator Fees: देश भर में निजी स्कूलों की मनमानी फीस को लेकर पहले से ही अभिभावक परेशान हैं और अब बिहार के मुज़फ्फरपुर से एक ऐसी खबर आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया। एक निजी स्कूल ने अपने छात्र की मासिक फीस में बिजली और जनरेटर का अलग से शुल्क जोड़ दिया जिससे कुल फीस 8,900 रुपये हो गई।

    अंग्रेज़ी समाचार वेबसाइट टाइम्स नाउ के मुताबिक, इस फीस रसीद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। एक यूज़र ने तंज़ कसते हुए लिखा, “पढ़ाई की फीस अलग, परीक्षा की फीस अलग और अब पंखे के नीचे बैठने की भी फीस। अगला अपडेट होगा, घर से पंखा लाओ या एसी क्लासरूम का सब्सक्रिप्शन लो। यह स्कूल है या कोई सब्सक्रिप्शन मॉडल?”

    जब पढ़ाई का बोझ बन जाए आर्थिक बोझ-

    यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई है, जब दिल्ली, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों के अभिभावक पहले से ही स्कूलों की बढ़ती फीस और महंगी किताबों के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं। वे एक्स पर लगातार अधिकारियों को टैग कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। मध्यवर्गीय परिवारों के लिए जो रात-दिन मेहनत करके अपने बच्चों का भविष्य बनाने की कोशिश करते हैं, इस तरह की मनमानी फीस वाकई एक बड़ा आघात है।

    दिल्ली और लखनऊ ने उठाया कदम-

    कुछ दिन पहले दिल्ली सरकार और लखनऊ प्रशासन ने स्कूलों की सालाना फीस बढ़ोतरी पर सीमा तय की और यह भी निर्देश दिया, कि स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान से मंगी किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा भी किया गया और अभिभावकों के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की गई। लेकिन मुज़फ्फरपुर के इस मामले में बिहार प्रशासन की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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    शिक्षा अधिकार या व्यापार-

    यह पूरा मामला एक बुनियादी सवाल खड़ा करता है, कि क्या शिक्षा अब आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही है? ट्यूशन फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और अब बिजली-जनरेटर चार्ज हर तरफ से अभिभावकों की जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है।

    राज्य सरकारों और प्रशासन की ज़िम्मेदारी है, कि वे ऐसे मामलों में तुरंत दखल दें और निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाएं। बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए मां-बाप जो कुर्बानियां देते हैं, उनके साथ इस तरह का व्यवहार न सिर्फ गलत है बल्कि बेहद शर्मनाक भी है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।