Faizan Jharkhand Topper: झारखंड के गोड्डा से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो हर किसी को प्रेरित कर रही है। यहां के छात्र फैजान ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93.8% अंक हासिल कर विशेष रूप से सक्षम (divyang) कैटेगरी में टॉप किया है। फैजान की यह सफलता इसलिए और खास है क्योंकि वह गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया।
मुंह से पेन पकड़कर लिखते हैं परीक्षा-
फैजान को Cerebral Palsy नाम की बीमारी है, जो शरीर की मूवमेंट और मसल कंट्रोल को प्रभावित करती है। इस स्थिति में सामान्य तरीके से लिखना भी बेहद मुश्किल होता है। लेकिन फैजान ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने मुंह में पेन पकड़कर अपनी परीक्षा लिखी। उनका यह जज़्बा दिखाता है, कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।
‘96% लाना चाहता था’, लेकिन…
फैजान ने खुद बताया कि उनका लक्ष्य 96% अंक हासिल करना था। लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति के कारण कुछ हिस्सों में कमजोरी रह गई, खासकर डायग्राम बनाने में। फिर भी 93.8% स्कोर करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, धैर्य और हौसले की कहानी है।
VIDEO | Jharkhand boy overcomes cerebral palsy to top Jharkhand Class 10 boards. Holding a pen in his mouth, Faizan has overcome challenges that many regular physically able students would find difficult.
— Press Trust of India (@PTI_News) April 24, 2026
He has topped the Class 10 board examinations in Jharkhand under the… pic.twitter.com/WXrfElGdCL
सोशल मीडिया पर छाई प्रेरणादायक कहानी-
Press Trust of India (PTI) द्वारा शेयर किए गए वीडियो में फैजान को मुंह से लिखते हुए देखा गया, जो तेजी से वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं और उन्हें “real hero” बता रहे हैं। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि फैजान की कहानी हर छात्र को मेहनत और संघर्ष का असली मतलब समझाती है।
झारखंड बोर्ड का शानदार रिजल्ट-
इस साल झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने 10वीं के नतीजे घोषित किए, जिसमें कुल पास प्रतिशत 95.27% रहा। करीब 4.24 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 4.22 लाख परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 4 लाख से ज्यादा छात्र सफल रहे। हालांकि बोर्ड ने साफ किया है, कि ऑनलाइन रिजल्ट प्रोविजनल है और असली मार्कशीट स्कूलों के जरिए दी जाएगी।
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हिम्मत की मिसाल बन गया फैजान-
फैजान की कहानी हमें यह सिखाती है, कि जिंदगी में मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर हौसला और मेहनत साथ हो तो सफलता जरूर मिलती है। आज जब कई छात्र छोटी-छोटी परेशानियों में हार मान लेते हैं, वहीं फैजान जैसे बच्चे यह दिखाते हैं, कि असली जीत संघर्ष में होती है।
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