Samay Raina: कॉमेडियन समय रैना इन दिनों अपने स्टैंडअप स्पेशल ‘Still Alive’ को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन इस शो के पीछे एक गहरी और दर्द भरी कहानी छुपी है। फरवरी 2025 में यूट्यूब शो ‘India’s Got Latent’ से जुड़ा विवाद उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गया। शो में रणवीर अल्लाहबादिया के कुछ आपत्तिजनक कमेंट्स वायरल हो गए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर जमकर बवाल हुआ।
इस विवाद ने सिर्फ बहस और ट्रोलिंग तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि मामले में FIR तक दर्ज हुईं। इस पूरे घटनाक्रम का असर समय रैना की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ पर गहरा पड़ा।
मैं पूरी तरह टूट चुका था-
हाल ही में वैभव मुंजाल के पॉडकास्ट ‘Chalchitra Talks’ में बातचीत करते हुए समय रैना ने अपने सबसे कठिन दौर को याद किया। उन्होंने बताया, कि उस समय वह खुद को “जिंदा लाश” जैसा महसूस करते थे। उनके शब्दों में, “मैं बस लोगों को देख रहा था, लेकिन खुद को उनसे कटा हुआ महसूस कर रहा था। अंदर से पूरी तरह खाली और टूट चुका था।” यह इंटरव्यू बलराज घई के मुंबई स्थित हैबिटेट में रिकॉर्ड किया गया, जो उनके करीबी दोस्त हैं और उसी जगह इंडियाज़ गॉट टैलेंट भी शूट हुआ था।
माफी का दबाव और मानसिक संघर्ष-
विवाद के बाद जब रणवीर अल्लाहबादिया ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, तो समय रैना पर भी ऐसा करने का दबाव बना। उनके वकील ने भी उन्हें माफी वीडियो जारी करने की सलाह दी। लेकिन समय के लिए यह इतना आसान नहीं था। उन्होंने बताया, कि उन्होंने नौ बार माफी वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की, लेकिन हर बार वह खुद को असहज और टूटा हुआ महसूस करते थे। उन्होंने कहा, मैं उस समय बस वही कर रहा था जो लोग कह रहे थे, लेकिन अंदर से पूरी तरह बिखर चुका था।
विदेश टूर में सबसे मुश्किल दौर-
समय रैना ने बताया, कि उनका सबसे कठिन समय तब आया जब उन्हें कनाडा टूर पर अकेले जाना पड़ा। उनके दोस्त बलराज घई वीज़ा न मिलने की वजह से साथ नहीं जा सके। -27 डिग्री तापमान में एडमॉन्टन और कैलगरी जैसे शहरों में लगातार 10 शो करना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि उस दौरान वह हर दिन रोते थे और पूरी तरह डिमोटिवेटेड महसूस करते थे।
Still Alive बना हीलिंग का जरिया-
इस कठिन दौर से निकलने में Still Alive ने अहम भूमिका निभाई। समय रैना ने बताया, कि इस शो को लिखना उनके लिए एक तरह की हीलिंग प्रक्रिया थी। जहां आमतौर पर एक स्टैंडअप स्पेशल तैयार करने में एक से दो साल लगते हैं, वहीं उन्होंने इसे सिर्फ दो महीने में लिखकर तैयार कर लिया। “इतना दर्द था कि सब कुछ जल्दी बाहर आ गया,” उन्होंने कहा। इस दौरान वीर दास और तनमय भट्ट जैसे कॉमेडियंस ने भी उनका साथ दिया। वीर दास ने उन्हें अपने विचार लिखने की सलाह दी, जबकि तनमय लगातार उनके संपर्क में रहे।
म्यूजिक और गेमिंग ने संभाला-
समय रैना ने यह भी बताया, कि गिटार बजाना और पोकर खेलना उनके लिए एक तरह का सहारा बना। इन चीजों ने उन्हें मानसिक रूप से संतुलित रखने में मदद की और धीरे-धीरे वह इस मुश्किल दौर से बाहर निकल पाए।
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एक कलाकार की असली कहानी-
समय रैना की यह कहानी सिर्फ एक विवाद की नहीं, बल्कि एक इंसान के टूटने और फिर खुद को संभालने की कहानी है। ‘Still Alive’ सिर्फ एक स्टैंडअप शो नहीं, बल्कि उनके दर्द, संघर्ष और वापसी का प्रतीक बन चुका है।
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