Morning Blood Sugar Spike
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    Morning Blood Sugar Spike: आप सुबह उठे हैं, अभी तक कुछ खाया नहीं है, लेकिन जब ब्लड शुगर चेक करते हैं, तो वो चिंताजनक रूप से हाई मिलता है। डायबिटीज़ से जूझ रहे कई लोगों के लिए यह एक परेशान करने वाला अनुभव है। इस अजीब सी समस्या को ‘डॉन फेनोमेनन’ कहते हैं, जो सुबह के समय बिना कुछ खाए ही ब्लड शुगर में उछाल ला देती है। पहली नज़र में लगता है, कि शायद रात को खाए गए खाने का असर है, लेकिन असलियत इससे कहीं अलग है।

    यह स्थिति आपके शरीर में नींद के दौरान होने वाली कुछ प्राकृतिक प्रक्रियाओं से जुड़ी हुई है। लेकिन आखिर ऐसा होता क्यों है और क्या इसे रोका जा सकता है? सुबह के उन शुरुआती घंटों में आपके शरीर के अंदर क्या हो रहा होता है और इसका आपकी डायबिटीज़ मैनेजमेंट पर क्या असर पड़ता है।

    आखिर क्या है डॉन फेनोमेनन-

    अंग्रज़ी समाचार वेबसाइट द् इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कंसल्टेंट डायटीशियन और डायबिटीज़ एजुकेटर कनिका मल्होत्रा बताती हैं, कि डॉन फेनोमेनन एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें सुबह जल्दी ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाता है। यह आमतौर पर रात दो बजे से सुबह आठ बजे के बीच होता है। इसकी वजह रात भर शरीर में रिलीज़ होने वाले हार्मोन्स हैं, जैसे कि कॉर्टिसोल, ग्रोथ हार्मोन और ग्लूकागॉन। ये हार्मोन्स ग्लूकोज़ का उत्पादन बढ़ा देते हैं और साथ ही शरीर की इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता भी कम कर देते हैं।

    वे आगे बताती हैं, कि ऐसे में लिवर शरीर को ग्लूकोज़ सप्लाई करता है, लेकिन यह अतिरिक्त ग्लूकोज़ इंसुलिन द्वारा संतुलित नहीं हो पाता। खास बात यह है, कि खाने के बाद होने वाली ब्लड शुगर स्पाइक्स के उलट, डॉन फेनोमेनन का खाने से कोई लेना-देना नहीं होता, बल्कि यह हमारे शरीर की जैविक घड़ी से जुड़ा हुआ है।

    किन लोगों को होती है यह समस्या-

    मल्होत्रा के मुताबिक, टाइप वन या टाइप टू डायबिटीज़ से पीड़ित लगभग पचास फीसदी लोग डॉन फेनोमेनन का अनुभव करते हैं। इनमें वे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, जिनका ब्लड शुगर नियंत्रण कमज़ोर है, जिन्हें ज्यादा इंसुलिन रेज़िस्टेंस है, बुजुर्ग लोग और वे लोग जिनकी नींद का पैटर्न गड़बड़ है। वे कहती हैं, कि प्रीडायबिटीज़ या जोखिम वाले ब्लड शुगर लेवल वाले लोगों में भी सुबह कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन जिन्हें पहले से डायबिटीज़ है, उनमें यह असर सबसे ज्यादा दिखता है, क्योंकि उनका शरीर हार्मोनल ग्लूकोज़ रिलीज़ का सामना करने के लिए पर्याप्त इंसुलिन बना या इस्तेमाल नहीं कर पाता।

    कैसे करें इस समस्या का सामना-

    इस समस्या से निपटने के लिए मल्होत्रा कुछ कारगर उपाय बताती हैं। शोध के अनुसार, डायबिटीज़ की दवाइयों या इंसुलिन का समय एडजस्ट करना, खासकर सोने से पहले लेना फायदेमंद हो सकता है। सोने से पहले कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाना या स्नैक्स खाने से बचना चाहिए। रात का खाना जल्दी खाना और शाम को हल्का व्यायाम करना भी मददगार साबित होता है। कुछ लोगों के लिए इंसुलिन पंप या अलग तरह की दवाइयां सुबह के शुगर को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकती हैं।

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    मल्होत्रा कहती हैं, कि दवाई, खाने के समय में नियमितता बनाए रखना और अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर के साथ मिलकर एक व्यक्तिगत योजना बनाना बेहद ज़रूरी है। ये बदलाव सुबह के ब्लड शुगर स्पाइक्स को कम करने में मदद करते हैं और पूरे दिन बेहतर नियंत्रण में सहायक होते हैं।

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    डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक जानकारी और विशेषज्ञों से बातचीत पर आधारित है। कोई भी नया रूटीन शुरू करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।