Pakistan Republic Day Parade Cancelled: ईरान और इज़राइल-अमेरिका की संयुक्त सेना के बीच छिड़ी जंग अब तीसरे हफ्ते में दाखिल हो चुकी है और राहत के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे। इस युद्ध की लपटें अब सीधे पाकिस्तान तक पहुंच रही हैं। अरब न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के दफ्तर ने पुष्टि की है, कि मध्य पूर्व में जारी संकट की वजह से इस बार 23 मार्च की गणतंत्र दिवस परेड रद्द कर दी गई है। यह वही भव्य परेड है जिसमें पाकिस्तान अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करता है और पूरी दुनिया को अपनी शान दिखाता है।
सिर्फ झंडा फहराकर मनेगा इस बार पाकिस्तान दिवस-
हर साल 23 मार्च को इस्लामाबाद में 31 तोपों की सलामी और प्रांतीय राजधानियों में 21 तोपों की सलामी के साथ यह दिन मनाया जाता है। लेकिन इस बार शरीफ सरकार ने कहा है, कि सादे ध्वजारोहण समारोह से ही काम चलाया जाएगा। सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया, कि यह कदम देश की किफायत की नीति के तहत उठाया जा रहा है। जिससे पाकिस्तान दिवस की भावना बनी रहे लेकिन फिज़ूलखर्ची न हो। सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया गया है, कि वो इस दिन को गरिमा और सादगी के साथ मनाएं।
तेल की मार और खाली खज़ाना-
मध्य पूर्व में जंग छिड़ने के बाद एशियाई देशों में तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं और पाकिस्तान की हालत सबसे ज़्यादा खराब है। पहले से कमज़ोर अर्थव्यवस्था पर यह नई मुसीबत बहुत भारी पड़ रही है। इसी की वजह से सरकार को कड़े किफायती फैसले लेने पड़े हैं।
सरकार के सख्त किफायती फैसले-
शहबाज़ शरीफ सरकार ने संकट से निपटने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकारी गाड़ियों में से साठ फीसदी अगले दो महीनों के लिए सड़कों पर नहीं आएंगी और सरकारी अधिकारियों का तेल भत्ता पचास फीसदी घटा दिया गया है। सभी मंत्री दो महीने तक बिना तनख्वाह के काम करेंगे जबकि सांसदों की तनख्वाह में पच्चीस फीसदी की कटौती की गई है।
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इसके अलावा सरकारी दफ्तर अब हफ्ते में सिर्फ चार दिन खुलेंगे और बाकी दिन कर्मचारी घर से काम करेंगे ताकि बिजली और आने-जाने का खर्च कम हो सके। जंग अभी थमती नहीं दिख रही और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए हर बीतता दिन और मुश्किल होता जा रहा है। परेड का रद्द होना सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि यह उस गहरे आर्थिक दबाव की कहानी कह रहा है, जो एक पूरे देश को झेलनी पड़ रही है।
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