US Iran Ceasefire Proposal: ईरान-अमेरिका युद्ध को खत्म करने के लिए अब एक नया प्रस्ताव सामने आया है। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 पॉइंट का प्रपोजल भेजा है। लेकिन सवाल यह है, कि क्या ईरान इसे मानेगा? आइए जानते हैं इस प्रस्ताव में क्या-क्या है।
पाकिस्तान के जरिए भेजा गया प्रपोज़ल-
बुधवार को दो पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया, कि यह प्रस्ताव व्यापक रूप से कई मुद्दों को छूता है। इसमें प्रतिबंधों में राहत, नागरिक परमाणु सहयोग, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वापस लेना, International Atomic Energy Agency द्वारा निगरानी, मिसाइल सीमाएं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए शिपिंग के लिए एक्सेस जैसे मुद्दे शामिल हैं। यह प्रस्ताव ट्रंप प्रशासन की तरफ से मिडिल ईस्ट में युद्ध खत्म करने की कोशिश का हिस्सा है।
दिलचस्प बात यह है, कि ईरान ने साफ कर दिया है, कि वो अमेरिका के साथ सक्रिय रूप से बातचीत नहीं कर रहा। उनके मिलिट्री प्रवक्ता ने तो डोनाल्ड ट्रंप की आउटरीच कोशिशों का मजाक भी उड़ाया है। अभी यह साफ नहीं है, कि यह प्लान ईरानी अधिकारियों के बीच कितनी व्यापक रूप से शेयर किया गया है और क्या ईरान इसे बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार करेगा।
अमेरिका की मांगें-
अमेरिका की मांगें बेहद सख्त हैं। पहली और सबसे बड़ी मांग यह है, कि ईरान को अपनी मौजूदा परमाणु क्षमताओं को खत्म करना होगा। साथ ही ईरान को यह वादा करना होगा, कि वो कभी परमाणु हथियारों का पीछा नहीं करेगा। अमेरिका ने साफ कर दिया है, कि ईरानी क्षेत्र पर यूरेनियम संवर्धन बिल्कुल नहीं होगा।
एक और बड़ी मांग यह है, कि ईरान को अपने करीब 450 किलोग्राम यूरेनियम का स्टॉकपाइल, जो 60 फीसदी तक समृद्ध है, उसे जल्द ही International Atomic Energy Agency को सौंपना होगा। इसकी टाइमलाइन बाद में तय की जाएगी। इसके अलावा Natanz, Isfahan और Fordo परमाणु सुविधाओं को खत्म करना होगा। UN की परमाणु निगरानी संस्था IAEA को ईरान के अंदर पूर्ण पहुंच, पारदर्शिता और निगरानी दी जानी चाहिए।
अमेरिका की और भी मांगें हैं। ईरान को अपने रीजनल प्रॉक्सी पैराडाइम को छोड़ना होगा। मतलब ईरान को अपने क्षेत्रीय प्रॉक्सी को फंडिंग, दिशा और हथियार देना बंद करना होगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रहना चाहिए और एक फ्री मैरीटाइम कॉरिडोर के रूप में काम करना चाहिए। ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को रेंज और मात्रा दोनों में सीमित करना होगा। भविष्य में मिसाइलों का कोई भी उपयोग केवल आत्मरक्षा तक सीमित होगा।
बदले में ईरान को क्या मिलेगा-
अब बात करते हैं, कि इतनी सारी मांगें पूरी करने के बदले में ईरान को क्या मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है, कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से पूर्ण राहत मिलेगी। यह ईरान की इकोनॉमी के लिए बहुत बड़ी बात होगी, क्योंकि सालों से चल रहे सैंक्शंस ने देश को बुरी तरह तोड़ दिया है।
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दूसरा, अमेरिका ईरान की नागरिक परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इसमें Bushehr परमाणु संयंत्र में बिजली उत्पादन शामिल है। तीसरा, तथाकथित स्नैपबैक मैकेनिज्म को हटा दिया जाएगा। यह मैकेनिज्म प्रतिबंधों को फिर से लागू करने की अनुमति देता है, अगर ईरान अनुपालन करने में विफल रहता है।
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