Iran Rejects US Proposal
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    Iran Rejects US Proposal: अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को जो 15 पॉइंट का सीजफायर प्लान भेजा था, ईरान ने उसे एकदम साफ शब्दों में रिजेक्ट कर दिया। तेहरान का कहना है, युद्ध तभी खत्म होगा, जब हम चाहेंगे और हमारी शर्तों पर। ट्रंप को ये तय करने का कोई हक नहीं है, कि युद्ध कब खत्म हो।

    ईरान का साफ संदेश-

    बुधवार को एक सीनियर पॉलिटिकल-सिक्योरिटी अधिकारी ने Press TV को बताया, कि ईरान युद्ध तभी खत्म करेगा, जब वो खुद फैसला करेगा और जब उसकी अपनी शर्तें पूरी हो जाएंगी। अधिकारी ने कहा, “ईरान कहता है, कि वो युद्ध तभी खत्म करेगा जब वो खुद तय करेगा और जब उसकी अपनी शर्तें पूरी हो जाएंगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा, कि तेहरान अपनी मिलिट्री रिस्पांस जारी रखेगा और “भारी नुकसान” पहुंचाएगा, जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

    तेहरान के अधिकारी ने कहा, कि वाशिंगटन कई डिप्लोमेटिक चैनलों के जरिए बातचीत की कोशिश कर रहा है, लेकिन उनके प्रस्ताव “अत्यधिक” हैं और युद्ध के मैदान की असलियत से कटे हुए हैं। एक रीजनल मध्यस्थ के जरिए भेजे गए, अमेरिका के लेटेस्ट प्रपोजल को तनाव सुलझाने के बजाय बढ़ाने की कोशिश बताया गया।

    ईरान की 5 साफ मांगें-

    ईरानी अधिकारी ने अपनी पांच मांगें रखी हैं, जो बेहद सख्त हैं। पहली मांग है, कि हमलों और हत्याओं को पूरी तरह रोका जाए। तेहरान ने कहा है, कि उसके विरोधियों द्वारा की जा रही “आक्रामकता और हत्याओं” को पूरी तरह बंद किया जाए।

    दूसरी मांग है, भविष्य में युद्ध के खिलाफ गारंटी। ईरान ने ठोस तंत्र की मांग की है, जो यह सुनिश्चित करें, कि देश पर फिर से युद्ध नहीं थोपा जाएगा। तीसरी मांग है, युद्ध की क्षति का मुआवजा। तेहरान युद्ध के नुकसान और हर्जाने का गारंटीशुदा और स्पष्ट रूप से परिभाषित भुगतान चाहता है।

    चौथी मांग में ईरान ने जोर दिया है, कि किसी भी समझौते में सभी मोर्चों पर और क्षेत्र में सहयोगी समूहों के बीच शत्रुता का समापन शामिल होना चाहिए। पांचवीं और आखिरी मांग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संप्रभुता है। अधिकारी ने कहा, कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपने संप्रभु अधिकार की अंतरराष्ट्रीय मान्यता और गारंटी चाहता है।

    “ट्रंप खुद से बातचीत कर रहे हैं”-

    अधिकारी ने साफ कर दिया, “इससे पहले कोई बातचीत नहीं होगी।” उन्होंने जोर देकर कहा, कि जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक सैन्य अभियान जारी रहेंगे। अधिकारी ने जोड़ा, “युद्ध का अंत तब होगा, जब ईरान तय करेगा, कि इसे खत्म होना चाहिए, न कि जब ट्रंप इसके निष्कर्ष की कल्पना करते हैं।”

    ईरानी मिलिट्री अधिकारियों ने वाशिंगटन के रुख पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफगारी ने कहा, कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप “खुद से बातचीत” करते दिख रहे हैं। उन्होंने जोड़ा, “जो व्यक्ति ग्लोबल सुपरपावर होने का दावा करता है, अगर वो कर सकता, तो पहले ही इस गड़बड़ से बाहर निकल गया होता। अपनी हार को एग्रीमेंट के रूप में न पेश करो। खोखले वादों का आपका युग खत्म हो चुका है।”

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    क्या होगा आगे-

    यह टकराव ऐसे समय हो रहा है, जब ईरान और इजरायल के बीच लड़ाई जारी है, अमेरिका की भागीदारी के साथ, ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा रहा है और तेहरान जवाब में मिसाइल लॉन्च कर रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को भी बाधित कर रहा है, जिससे डिप्लोमेटिक प्रयासों में तेजी आ रही है। दोनों पक्षों के मजबूत पोजीशन पर अड़े रहने के साथ, निकट भविष्य में किसी समाधान की संभावना अनिश्चित बनी हुई है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।