CREA Report
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    America Travel Ban: व्हाइट हाउस के अनुसार, जिन 12 देशों पर पूरी बैन लगाई गई है, उनमें अफगानिस्तान, चाड, कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, म्यांमार, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल हैं। इसके अलावा बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला के नागरिकों के लिए भी सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। बुधवार को साइन किए गए, इस executive order में ट्रंप ने कहा, “मुझे अमेरिका और इसके लोगों की राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए कार्रवाई करनी होगी।” यह आदेश सोमवार, 9 जून 2025 को रात 12:01 बजे वाशिंगटन DC के स्थानीय समय से लागू हो जाएगा।

    America Travel Ban पहले से जारी वीजा पर क्या असर?

    एक राहत की बात यह है कि इस तारीख से पहले जारी किए गए वीजा रद्द नहीं किए जाएंगे। यानी जिन लोगों के पास पहले से वैध वीजा है, वे अभी भी अमेरिका जा सकते हैं। लेकिन नए वीजा के लिए आवेदन करने वाले लोगों को इस बैन का सामना करना पड़ेगा।

    America Travel Ban कोलराडो अटैक का हवाला-

    व्हाइट हाउस द्वारा जारी वीडियो मैसेज में ट्रंप ने कहा कि कोलराडो के बोल्डर में हाल ही में हुए pro-Israel rally पर अटैक ने “हमारे देश के लिए उन विदेशी नागरिकों से होने वाले खतरों को उजागर किया है जिनकी proper वेटिंग नहीं हुई है।” उन्होंने दावा किया कि “लाखों-करोड़ों ऐसे illegals हैं जो हमारे देश में नहीं होने चाहिए।” ट्रंप ने कहा, “हम यूरोप में जो हुआ है, वह अमेरिका में नहीं होने देंगे। बहुत सीधी बात है – हम किसी भी ऐसे देश से open migration नहीं होने दे सकते जहां से आने वाले लोगों की हम safely और reliably वेटिंग और स्क्रीनिंग नहीं कर सकते।”

    पहले भी लगाया था ट्रैवल बैन-

    यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का कदम उठाया है। 2017 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने सात मुख्यतः मुस्लिम देशों – ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के नागरिकों पर ट्रैवल बैन लगाया था। उस समय इसे “Muslim ban” या “travel ban” कहा गया था। उस दौरान कई लोग या तो अपनी flights से रोक दिए गए या फिर अमेरिकी airports पर पहुंचने के बाद detention में ले लिए गए।

    हार्वर्ड यूनिवर्सिटी भी निशाने पर-

    जिसमें विदेशी छात्रों को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने से रोका गया है। ट्रंप ने बुधवार को एक और executive order साइन किया है, उन्होंने आरोप लगाया, कि अमेरिका की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटियों में से एक हार्वर्ड का “concerning foreign ties और radicalism का इतिहास” है। यह आदेश अमेरिकी विदेश मंत्रालय को निर्देश देता है कि वह हार्वर्ड के मौजूदा छात्रों के academic या exchange visas को “revoke करने पर विचार करे” यदि वे इस आदेश के criteria को पूरा करते हैं। हार्वर्ड ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी प्रशासन उसके खिलाफ बदला ले रहा है क्योंकि वह ट्रंप की demands को मानने से इनकार कर रहा है।

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    अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा-

    यह नया ट्रैवल बैन निश्चित रूप से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विवाद का कारण बनेगा। पहले के ट्रैवल बैन की तरह ही इसे भी legal challenges का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि ट्रंप ने इसे national security के लिए जरूरी बताया है, लेकिन critics इसे discriminatory policy मानते हैं। इस फैसले से उन हजारों लोगों की जिंदगी प्रभावित होगी जो अमेरिका में काम, पढ़ाई या अपने परिवार से मिलने के लिए जाना चाहते हैं। अभी देखना यह है कि इस बार courts क्या फैसला देती हैं और क्या यह ban वैसे ही लागू रह पाएगा जैसा ट्रंप चाहते हैं।

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