Oil Futures Trade
    Photo Source - Google

    Oil Futures Trade: ट्रंप ने ईरान पर हमला रोकने का ऐलान किया और मार्केट में भूचाल आ गया। लेकिन असली सनसनी यह है, कि उनके ऐलान से 15 मिनट पहले ही किसी ने करोड़ों का दांव लगा दिया था। सवाल उठ रहे हैं, क्या यह इनसाइडर ट्रेडिंग थी? क्या किसी को पहले से पता था?

    सुबह-सुबह का रहस्यमय धमाका-

    सोमवार की सुबह न्यूयॉर्क टाइम के हिसाब से 6:50 बजे यानी भारतीय समय से शाम 4:20 बजे, ग्लोबल मार्केट में अचानक कुछ अजीब हुआ। CME पर S&P 500 E-mini futures में अचानक तेज ट्रेडिंग शुरू हो गई और ऑयल मार्केट में भी हलचल मच गई। यह टाइमिंग बेहद अजीब थी, क्योंकि प्री-मार्केट आवर्स में आमतौर पर बहुत कम ट्रेडिंग होती है।

    फिर करीब 15 मिनट बाद, सुबह 7:05 बजे, ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट किया कि अमेरिका ने ईरान से बातचीत की है और ईरानी पावर प्लांट्स पर प्लान्ड स्ट्राइक को रोक दिया है। लेकिन तब तक तो वो धांसू ट्रेड्स पहले ही हो चुके थे।

    किसने लगाया 14,000 करोड़ का दांव-

    ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Unusual Whales के मुताबिक, किसी ने दो बड़े दांव लगाए। पहला, उन्होंने करीब 12,600 करोड़ रुपये यानी 1.5 बिलियन डॉलर के S&P 500 futures खरीदे, यह सोचकर कि अगर तनाव कम हुआ तो मार्केट में तेजी आएगी। दूसरा, उन्होंने करीब 1,615 करोड़ रुपये यानी 192 मिलियन डॉलर के oil futures बेचे, यह मानते हुए कि अगर सप्लाई के डर खत्म हुए तो तेल की कीमतें गिरेंगी।

    सिर्फ एक मिनट की विंडो में करीब 6,200 Brent और West Texas Intermediate futures कॉन्ट्रैक्ट्स ट्रेड हुए जिनकी कीमत करीब 4,870 करोड़ रुपये थी। यह उस समय की नॉर्मल ट्रेडिंग से चार से छह गुना ज्यादा था।

    20 मिनट में कमाल का मुनाफा-

    ट्रंप की पोस्ट के बाद मार्केट में धमाल मच गया। S&P 500 futures 2.5 फीसदी से ज्यादा उछल गए जबकि तेल की कीमतें धड़ाम से गिर गईं। Brent crude 109 डॉलर से गिरकर 92 डॉलर तक आ गया और West Texas Intermediate करीब 6 फीसदी गिरकर 88.70 डॉलर प्रति बैरल छू गया। नतीजा? सिर्फ तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से ही 20 मिनट में करीब 840 करोड़ रुपये का मुनाफा हो गया। इक्विटी पोजीशन से मिले फायदे को मिलाएं तो कुल प्रॉफिट और भी ज्यादा रहा होगा।

    क्यों है पूरा मामला शक के घेरे में-

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारतीय समय से शाम 4:20 बजे जब ये ट्रेड्स हुए, तब कोई न्यूज अलर्ट नहीं था, कोई शेड्यूल्ड ब्रीफिंग नहीं थी और कोई संकेत नहीं था कि ट्रंप ईरान पर हमला रोकने का ऐलान करने वाले हैं। फिर भी किसी ने 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का दांव एकदम सही टाइमिंग पर लगा दिया।

    हेज फंड मैनेजर मैट विलियम ने X पर लिखा, “25 साल में मार्केट देखते हुए यह बेहद असामान्य पैटर्न है।” उन्होंने कहा कि सोमवार की सुबह जब कोई बड़ा इकोनॉमिक डेटा रिलीज या फेडरल रिजर्व की कोई टिप्पणी नहीं थी, तब इतने बड़े ट्रेड को समझाना मुश्किल है। उनका निष्कर्ष था कि “नतीजे के तौर पर किसी ने भारी मुनाफा कमाया होगा।”

    ये भी पढ़ें- Red Sea में इंटरनेट केबल पर संकट! Iran की धमकी से भारत समेत दुनिया में इंटरनेट पर खतरा

    व्हाइट हाउस और ईरान का बयान-

    अमेरिकी ब्रोकरेज मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट ने भी चिंता जताई कि भले ही कारण साबित करना आसान न हो, लेकिन सवाल तो उठेंगे कि ट्रंप की पोस्ट से 15 मिनट पहले इतनी आक्रामक ट्रेडिंग किसने की। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप और प्रशासन का फोकस सिर्फ अमेरिकी लोगों के हित में काम करना है। बिना सबूत के ऐसे आरोप बेबुनियाद हैं।”

    दिलचस्प बात यह है, कि ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर घालिबाफ ने X पर साफ इनकार किया, कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच कोई बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा, “फेक न्यूज का इस्तेमाल फाइनेंशियल और ऑयल मार्केट में हेरफेर करने के लिए किया जा रहा है।”

    ये भी पढ़ें- जानिए कौन हैं Leonid Radvinsky? OnlyFans के मालिक जिनका 43 की उम्र में निधन

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।