Iran Threat Internet Cables: दुनिया तेजी से डिजिटल हो रही है, लेकिन इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने टेक्नोलॉजी की इस रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने लाल सागर में मौजूद अंडरसी इंटरनेट केबल्स को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है।
हालांकि इस खतरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई एक्सपर्ट्स और सोशल मीडिया पर एक्टिव बड़े हैंडल्स इस संभावना को गंभीर मान रहे हैं। उनका कहना है. कि अगर ऐसा हुआ, तो इसका असर सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
अंडरसी केबल्स क्या हैं और क्यों हैं इतने जरूरी?
लाल सागर के नीचे फैला हुआ फाइबर ऑप्टिक केबल्स का जाल दुनिया के इंटरनेट का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। ये केबल्स एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट को जोड़ते हैं और इनके जरिए ही हमारे WhatsApp मैसेज, वीडियो कॉल, ऑनलाइन पेमेंट और क्लाउड सर्विसेज काम करती हैं।
अनुमान है, कि करीब 30% रीजनल इंटरनेट ट्रैफिक और वैश्विक डेटा का बड़ा हिस्सा इन्हीं केबल्स से गुजरता है। ऐसे में अगर ये केबल्स कट जाते हैं, तो सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि बैंकिंग, AI सिस्टम और डिजिटल बिजनेस पर भी गहरा असर पड़ेगा।
सोशल मीडिया पर बढ़ी चिंता-
कुछ चर्चित सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि इन केबल्स के जरिए लगभग 17% ग्लोबल इंटरनेट ट्रैफिक चलता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ये केबल्स टूटते हैं, तो इंटरनेट आउटेज घंटों नहीं बल्कि महीनों तक चल सकता है। वहीं एक हाई IQ के लिए चर्चित एक्सपर्ट ने भी कहा, कि उन्होंने इस खतरे के बारे में पहले ही चेतावनी दी थी और अब स्थिति और गंभीर हो गई है। हालांकि इन दावों की पुष्टि अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या खुफिया रिपोर्ट ने नहीं की है।
भारत पर क्या होगा असर?
भारत जैसे देश के लिए यह खबर बेहद अहम है। भारत का इंटरनेट ट्रैफिक काफी हद तक वेस्ट एशिया और यूरोप से जुड़ा हुआ है। इन केबल्स के जरिए भारत के कई सर्वर कनेक्ट होते हैं। अगर इन केबल्स में कोई दिक्कत आती है, तो भारत में इंटरनेट स्पीड धीमी हो सकती है, ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं और क्लाउड बेस्ड सर्विसेज में दिक्कत आ सकती है। आज जब देश तेजी से डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में इंटरनेट का धीमा होना आर्थिक गतिविधियों पर भी असर डाल सकता है।
कंपनियों ने भी जताई चिंता-
इस बीच फ्रांस की सरकारी कंपनी Alcatel Submarine Networks, जो इन केबल्स के इंस्टॉलेशन की जिम्मेदारी संभालती है, उसने भी अपने ग्राहकों को चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का एक जहाज सऊदी अरब के पास फंसा हुआ है, जिससे मरम्मत या नए केबल्स बिछाने का काम प्रभावित हो सकता है। इससे स्थिति और जटिल हो सकती है।
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क्या आगे और बढ़ेगा संकट?
फिलहाल यह साफ नहीं है, कि यह खतरा वास्तविक कार्रवाई में बदलेगा या नहीं, लेकिन इतना जरूर है, कि दुनिया की डिजिटल लाइफलाइन माने जाने वाले ये केबल्स अब खतरे के घेरे में हैं। अगर हालात बिगड़ते हैं, तो इसका असर हर उस व्यक्ति तक पहुंचेगा, जो इंटरनेट का इस्तेमाल करता है।
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