Abdul Basit: ईरान-इज़राइल युद्ध के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर एक नया और चिंताजनक बयान सामने आया है। पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित, जो 2014 से 2017 तक नई दिल्ली में पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक रहे हैं, ने एक काल्पनिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा, कि अगर पाकिस्तान को अमेरिका से अस्तित्व का खतरा हो, तो वो भारत पर हमला कर सकता है। यह बयान न केवल गैरज़िम्मेदाराना है बल्कि भड़काऊ भी है।
क्या कहा बासित ने-
बासित ने कहा कि मान लीजिए ईरान में हालात और बिगड़ते हैं और इज़राइल पाकिस्तान के करीब आ जाता है। ऐसे में अगर अमेरिका पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को नकारात्मक नज़र से देखे या उसे नष्ट करने की कोशिश करे तो पाकिस्तान को जवाब देना होगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर अमेरिका हमला करे और पाकिस्तान खाड़ी में उसके ठिकानों तक या इज़राइल तक नहीं पहुँच सकता तो एकमात्र विकल्प भारत होगा। उनके शब्द थे “मुंबई, नई दिल्ली हम नहीं रुकेंगे।” हालाँकि उन्होंने बार-बार कहा कि ऐसा होना असंभव के करीब है, लेकिन सैद्धांतिक रूप से संभव है।
If America attacks Pakistan
— Kreately.in (@KreatelyMedia) March 21, 2026
We should bomb Delhi, Mumbai
😳
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बयान क्यों है बेतुका और गैरज़िम्मेदाराना?
बासित ने ईरान के उस तरीके से तुलना की जिसमें ईरान अमेरिका तक न पहुँच पाने के कारण खाड़ी देशों को निशाना बनाता है। लेकिन यहाँ एक बड़ा फर्क है, खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं जबकि भारत में ऐसा कोई अमेरिकी ठिकाना नहीं है। यानी पाकिस्तान का भारत को निशाना बनाने का कोई तर्कसंगत कारण ही नहीं बनता। यह बयान न केवल कूटनीतिक दृष्टि से गैरज़िम्मेदाराना है, बल्कि भारत-पाकिस्तान के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों में और आग लगाने वाला है।
अमेरिका ने भी माना-
बासित के इस बयान से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गैबार्ड ने अमेरिकी सीनेट में कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरे हैं। उन्होंने यह भी कहा, कि कई देशों की बढ़ती मिसाइल क्षमताएं चिंताजनक हैं जिनमें ईरान भी शामिल है। यानी एक तरफ अमेरिका पाकिस्तान को खतरनाक मान रहा है और दूसरी तरफ पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक भारत को धमकी दे रहे हैं, यह पूरी तस्वीर क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बेहद चिंताजनक है।
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भारत को सतर्क रहने की ज़रूरत-
भले ही बासित ने इसे काल्पनिक और असंभव बताया हो लेकिन एक देश के शीर्ष पूर्व राजनयिक का इस तरह का बयान हल्के में नहीं लिया जा सकता। ईरान युद्ध के बढ़ते असर, पाकिस्तान की आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता और परमाणु हथियारों की मौजूदगी इन सब को देखते हुए भारत के लिए सतर्क और तैयार रहना ज़रूरी है।
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