Epstein Memory Erasure Technique
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    Epstein Memory Erasure Technique: साल 2014 की बात है, Jeffrey Epstein, जो अपने घिनौने अपराधों की वजह से पूरी दुनिया में कुख्यात हो चुका है, ने Massachusetts Institute of Technology यानी MIT के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी जोइची इटो के साथ कुछ ईमेल शेयर किए। इस बातचीत में जो बात सामने आई, उसने अब पत्रकारों, शोधकर्ताओं और आम जनता सबका ध्यान खींच लिया है।

    इटो ने Epstein को लिखा, कि “आपने मुझे एक ऐसी तकनीक के बारे में बताया था, जो हाल की याददाश्त को मिटा सकती है, क्या इस पर कोई शोध प्रकाशित हुआ है? यह काम किस प्रयोगशाला में हो रहा है?”

    Epstein का जवाब और Ito की हल्की-फुल्की प्रतिक्रिया-

    Epstein ने जवाब में लिखा, कि इसके लिए “Trans Magnetic Stimulation” नाम का एक उपकरण इस्तेमाल होता है और मानसिक आघात तथा भूलने की बीमारी पर इस दिशा में काफी काम हो चुका है। इसके कुछ ही पलों बाद इटो ने लिखा, “मैं अभी न्यी योर्क टाइम्स की एक बैठक में हूं, लेकिन शुक्रिया! अब मुझे इंटरनेट पर ढूंढने के लिए कुछ दिलचस्प मिल गया।” यह जवाब भले ही मजाकिया लहजे में था, लेकिन इस पूरी बातचीत ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया, आखिर Epstein किस तकनीक की बात कर रहा था?

    यह तकनीक असल में क्या है?

    Transcranial Magnetic Stimulation यानी TMS एक चिकित्सकीय रूप से मान्यता प्राप्त प्रक्रिया है। इसका उपयोग मुख्य रूप से अवसाद और कुछ मानसिक बीमारियों के इलाज में किया जाता है, खासकर उन मरीजों के लिए जिन पर सामान्य दवाइयां असर नहीं करतीं। इसमें सिर के पास एक उपकरण रखा जाता है, जो चुंबकीय तरंगें छोड़ता है और दिमाग की खास कोशिकाओं को उत्तेजित करता है। इसमें न कोई चीरफाड़ होती है, न कोई ऑपरेशन यह पूरी तरह सुरक्षित और बाहरी प्रक्रिया है।

    तो क्या याददाश्त सच में मिटाई जा सकती है?

    यही असली सवाल है। शोधकर्ताओं ने यह जरूर जांचा है, कि मस्तिष्क को उत्तेजित करने से याददाश्त पर क्या असर पड़ता है, लेकिन इस बात का कोई पक्का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, कि इस तकनीक से किसी की हाल की याददाश्त को चुनिंदा तरीके से मिटाया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है,, कि याददाश्त बनना और उसे याद करना एक बहुत मुश्किल प्रोसेस है।

    यह कोई बिजली का स्विच नहीं है, जिसे बंद किया जा सके। हमारी यादें दिमाग के कई हिस्सों में फैले जटिल तंत्रिका जालों में जमा होती हैं। किसी एक खास हालिया याद को “हटाने” का कोई भरोसेमंद तरीका अभी तक विज्ञान के पास नहीं है।

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    तो फिर यह ईमेल क्यों अहम है?

    Epstein का मानसिक आघात और भूलने की बीमारी का संदर्भ शायद उस व्यापक शोध की तरफ इशारा था, जो दिमाग उत्तेजना और याददाश्त के संबंध पर हो रहा था, न कि किसी जादुई उपकरण की तरफ। लेकिन इस पूरे प्रकरण की असली अहमियत यह है, कि यह दिखाता है, कि Epstein के MIT जैसी प्रतिष्ठित संस्था के शीर्ष लोगों से कितने गहरे संबंध थे। यह ईमेल उस बड़ी जांच का हिस्सा है, जिसमें Epstein के शैक्षणिक और रसूखदार हलकों से जुड़े तार खंगाले जा रहे हैं।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।