Online Gaming Bill 2025: अगर आप भी उन लाखों लोगों में से हैं, जो रोज अपने फोन पर Dream11 या MPL जैसे ऐप्स खोलकर फैंटसी क्रिकेट में अपनी टीम बनाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बड़ी है। बुधवार को लोकसभा में एक नया बिल पास हुआ है, जो आपकी गेमिंग की आदत को पूरी तरह बदल देगा।
यह कोई साधारण बिल नहीं है। “ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025” का मतलब है, कि अब आप पैसे लगाकर ऑनलाइन गेम्स नहीं खेल सकेंगे। हां, आपने सही सुना! अब ना तो आप आईपीएल के दौरान विराट कोहली को कैप्टन बनाकर 100 रुपए का दांव लगा पाएंगे और ना ही जीतने पर हजारों के इनाम का सपना देख पाएंगे।
क्यों लेना पड़ा यह सख्त फैसला-
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया, कि लोग अपनी पूरी जिंदगी की कमाई इन गेम्स में गंवा रहे हैं। सोचिए, एक मिडिल क्लास परिवार का कमाने वाला अपने जमा किए गए, पैसे को फैंटसी गेमिंग में लगा देता है, यह सोचकर, कि जीतकर डबल कर लेगा। लेकिन असल में वह सब कुछ हार जाता है।
मंत्री जी ने यह भी कहा, कि ये प्लेटफॉर्म सिर्फ मनोरंजन नहीं हैं। कई बार इनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग के लिए भी हो रहा है। सोचिए, कि जिस ऐप पर आप मज़े के लिए गेम खेल रहे हैं, उसी का इस्तेमाल गलत कामों के लिए भी हो रहा है।
कितनी सख्त होगी सज़ा-
एक बार यह कानून राज्यसभा से भी पास हो जाए और राष्ट्रपति जी की मंजूरी मिल जाए, तो ऑनलाइन मनी गेमिंग चलाना बहुत बड़ा जुर्म माना जाएगा। इसके लिए 3 साल तक की जेल या 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। यह बिल ऑनलाइन मनी गेम्स के विज्ञापनों को भी पूरी तरह से बैन करता है और बैंकों को भी इन गेम्स के लिए पैसे ट्रांसफर करने से रोकता है।
किन ऐप्स पर पड़ेगा असर-
Lumikai नाम की कंपनी के अनुसार, भारत में गेमिंग मार्केट 2029 तक 3.6 बिलियन डॉलर का होने वाला था। लेकिन अब यह बिल इस पूरे बिजनेस को हिला देगा।
Dream11 की बात करें, तो यह 8 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन वाली कंपनी है। आईपीएल के दौरान इसकी पॉपुलरिटी आसमान छूती है। जब लोग सिर्फ 8 रुपए लगाकर अपनी टीम बनाते हैं और 12 लाख रुपए तक के इनाम के सपने देखते हैं।
Mobile Premier League यानी MPL की वैल्यूएशन 2.5 बिलियन डॉलर है। इसके अलावा My11Circle, Howzat, WinZO, Games24x7, Junglee Games, PokerBaazi, और GamesKraft जैसी कंपनियों पर भी बड़ा असर पड़ेगा।
शेयर मार्केट में भी इसका तुरंत असर दिखा। Nazara Technologies के शेयर 13% तक गिर गए, जबकि Delta Corp के शेयर पहले 7% गिरने के बाद 1% तक वापस आ गए।
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अब क्या होगा आगे-
अभी यह बिल सिर्फ लोकसभा से पास हुआ है। इसे अभी भी राज्यसभा से मंजूरी लेनी होगी और फिर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर चाहिए। तब जाकर यह पूरी तरह से कानून बनेगा। दिलचस्प बात यह है, कि यह बिल ई-स्पोर्ट्स और एजुकेशनल प्लेटफॉर्म के लिए एक रेगुलेटर की सिफारिश भी करता है। मतलब यह, कि पैसे वाली गेमिंग को रोकते हुए सरकार साफ-सुथरी गेमिंग को बढ़ावा देना चाहती है।
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