India Crude Oil: दुनिया का करीब 1/5 तेल होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुज़रता है और यही वो तंग रास्ता है, जो इस वक्त सबसे बड़े खतरे में है। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष ने इस इलाके में जहाज़ों की आवाजाही को बुरी तरह धीमा कर दिया है। खाड़ी देशों से आने वाला तेल इसी रास्ते से भारत तक पहुंचता है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है, क्या भारत में तेल की किल्लत होगी? क्या पेट्रोल-डीज़ल महंगा होगा?
सरकार ने पहले ही उठाया कदम-
अंग्रज़ी के समाचार वेबसाइट न्यूज़18 के मुताबिक, सरकारी सूत्रों का कहना है, कि भारत ने समय रहते अपनी रणनीति बदल ली है। अब भारत सिर्फ खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है, बल्कि दुनिया के कई अलग-अलग हिस्सों से कच्चा तेल और ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। यानी अगर एक रास्ता बंद हो भी जाए, तो दूसरे रास्ते से काम चलता रहे। सरकार का साफ कहना है, कि घरेलू उपभोक्ताओं को अभी किसी तरह की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, तेल की आपूर्ति जारी है और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर कोई तत्काल खतरा नहीं है।
विविधता ही असली ताकत-
भारत की यह रणनीति दरअसल बहुत समझदारी भरी है। किसी एक देश या एक रास्ते पर निर्भर रहना हमेशा जोखिम भरा होता है और पश्चिम एशिया में जब भी हालात बिगड़ते हैं, यह बात साबित हो जाती है। इसीलिए भारत अब अपनी ऊर्जा ज़रूरतें पूरी करने के लिए कई देशों और कई समुद्री मार्गों का सहारा ले रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह कदम सिर्फ मौजूदा संकट के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
आम आदमी पर क्या असर-
फिलहाल पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों पर इस संकट का कोई सीधा असर नहीं दिखा है। सरकार ने साफ किया है, कि देश में कच्चे तेल का प्रवाह बाधित नहीं हुआ है। लेकिन अगर होर्मुज़ का यह संकट और लंबा खिंचा, तो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और उसका असर धीरे-धीरे भारत तक भी पहुंच सकता है।
ये भी पढ़ें- Nitish Kumar के बाद, किसके हाथ में आएगी बिहार के सत्ता की चाबी?
सतर्कता ज़रूरी, घबराहट नहीं-
पश्चिम एशिया में जंग जारी है और होर्मुज़ का रास्ता अनिश्चितता के साये में है, लेकिन भारत सरकार की त्वरित सोच ने अभी के लिए राहत दे दी है। देश की ऊर्जा ज़रूरतें पूरी हो रही हैं और आपूर्ति के नए रास्ते खुल रहे हैं। यह वक्त घबराने का नहीं, बल्कि सतर्क रहने का है और भारत यही कर रहा है।
ये भी पढ़ें- Ganga Expressway तैयार, मेरठ से प्रयागराज सिर्फ 6 घंटे में, जानिए कब से दौड़ेंगी गाड़ियां



