Facebook Like Button Closed
    Photo Source - Google

    Facebook Like Button Closed: सोशल मीडिया की दुनिया में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। Meta ने ऐलान किया है, कि वह बाहरी वेबसाइटों पर लगाए गए Facebook के Like और Comment बटन को बंद करने जा रहा है। यह बदलाव 10 फरवरी 2026 से लागू होगा। यानी वे सारे बटन जो ब्लॉग्स, न्यूज़ वेबसाइट्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई देते थे, अब धीरे-धीरे गायब हो जाएंगे।

    Meta का कहना-

    अपने ब्लॉग पोस्ट में Meta ने कहा, कि यह फैसला उसके डेवलपर टूल्स को सिंप्लिफाई और मॉडर्नाइज़ करने की दिशा में लिया गया है। कंपनी ने बताया, कि 2010 में जब ये प्लगइन्स लॉन्च हुए थे, तब वेबसाइट्स अपनी रीच और यूज़र एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए Facebook इंटिग्रेशन पर काफी निर्भर थीं। लेकिन अब इंटरनेट बदल चुका है, लोग नए प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो गए हैं और प्राइवेसी रेगुलेशंस भी पहले से कहीं ज़्यादा सख्त हो चुके हैं।

    Meta ने साफ किया, कि 10 फरवरी 2026 के बाद ये प्लगइन्स किसी एरर या वेबसाइट की फंक्शनिंग को खराब नहीं करेंगे। बल्कि ये ग्रेसफुली डिग्रेड होंगे, यानी बस 0x0 पिक्सल (इनविज़िबल एलिमेंट) की तरह रह जाएंगे, यूज़र को कुछ भी दिखेगा नहीं, लेकिन वेबसाइट भी नहीं टूटेगी।

    Facebook पर Like बटन रहेगा जारी-

    अगर आप सोच रहे हैं, कि अब Facebook ऐप या वेबसाइट पर Like देना बंद हो जाएगा, तो ऐसा नहीं है। Meta ने साफ किया है, कि यह बदलाव सिर्फ बाहरी वेबसाइट्स के लिए है। Facebook के अंदर पोस्ट, फोटो या वीडियो पर Like या Comment करने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।

    यानि आप Facebook पर अपने दोस्तों की फोटो को ‘Like’ कर पाएंगे, लेकिन किसी ब्लॉग या न्यूज़ साइट पर लगा हुआ Facebook बटन अब सिर्फ इतिहास का हिस्सा रह जाएगा।

    खत्म हो रही है एक डिजिटल पहचान-

    Facebook का Like बटन सिर्फ एक क्लिक नहीं था, यह इंटरनेट कल्चर का एक अहम हिस्सा था। 2009 में जब इसे लॉन्च किया गया, तो इसने ऑनलाइन एक्सप्रेशन का तरीका ही बदल दिया। सिर्फ एक Like से लोगों की राय, पसंद और भावनाएं जाहिर होने लगीं।

    ब्रांड्स और पब्लिशर्स के लिए यह बटन उनकी डिजिटल सफलता का पैमाना बन गया था। कितने लोगों ने Like किया, कितनी बार शेयर हुआ, यही तय करता था, कि किसी कंटेंट की वैल्यू कितनी है। लेकिन अब, 15 साल बाद, Meta खुद इस प्रतीक को अलविदा कह रहा है। यह कदम डिजिटल युग में बदलती प्राथमिकताओं की निशानी है, जहां सोशल मीडिया से ज़्यादा अहम हो चुका है यूज़र की प्राइवेसी, कंट्रोल और पर्सनलाइज़ेशन।

    ये भी पढ़ें- भारत बना मोबाइल मैलवेयर का सबसे बड़ा निशाना, 4 करोड़ से ज्यादा बार खतरनाक ऐप्स इंस्टॉल

    डेवलपर्स के लिए नया दौर-

    Meta ने कहा, कि अब उसका फोकस उन टूल्स पर होगा, जो डेवलपर्स को सबसे ज़्यादा वैल्यू दें और आने वाले समय में फ्यूचर इनोवेशन को बढ़ावा दें। यानि अब Meta उन फीचर्स पर ध्यान देगा, जो न सिर्फ ब्रांड्स बल्कि आम यूज़र्स के लिए भी नए अनुभव ला सकें।

    ये भी पढ़ें- Google Maps पर AQI कैसे करें चेक? जानिए आसान तरीका

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।