Biggest Domain Deal: 1993 की बात है, जब भारत और दुनिया के ज्यादातर घरों में इंटरनेट की सुविधा नहीं थी। उस दौर में मलेशिया का एक 10 साल का बच्चा चुपचाप अपनी मां के क्रेडिट कार्ड से एक दो-अक्षर वाला डोमेन रजिस्टर कर रहा था। उसने सिर्फ ₹300 चुकाए थे। तीन दशक बाद, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शेयर बाजार से लेकर चैटबॉट्स तक हर चीज चला रही है, वह डोमेन क्रिप्टो करेंसी में ₹600 करोड़ में बिका है। यह बचपन का एक क्लिक अब तक की सबसे महंगी वेबसाइट बिक्री में से एक बन गया है।
क्रिप्टो करेंसी में हुई डील-
AI.com को 70 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹600 करोड़ में बेचा गया है। यह पूरी तरह से क्रिप्टो करेंसी में हुई डील अब तक की सबसे बड़ी सार्वजनिक डोमेन की बिक्री मानी जा रही है। खरीदार हैं, क्रिप्टो डॉट कॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस मार्शालेश और बेचने वाले हैं, मलेशियाई तकनीकी उद्यमी अरस्यान इस्माइल, जिन्होंने यह डोमेन 1993 में महज 10 साल की उम्र में अपनी मां के क्रेडिट कार्ड से खरीदा था।
बचपन की एक खरीदारी जो दशकों तक रही अनजान-
अरस्यान इस्माइल ने AI.com को 1993 में रजिस्टर किया था। मलेशियाई अखबारों के मुताबिक, उन्होंने यह नाम इसलिए नहीं चुना था, क्योंकि उन्हें पता था, कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक दिन वैश्विक उद्योग बन जाएगी, बल्कि इसलिए क्योंकि ये अक्षर उनके नाम के पहले अक्षरों से मिलते थे। उस समय मलेशिया में इंटरनेट की सुविधा बहुत कम थी। यह डोमेन दशकों तक उनके पास रहा, बिना किसी बड़ी सुर्खियों के।
जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वैश्विक तकनीक और निवेश का केंद्र बनती गई, छोटे और दुर्लभ डोमेन की कीमत आसमान छूने लगी। दो-अक्षर वाले डोमेन सीमित हैं और AI.com उसमें सबसे पहचाने जाने वाले नामों में से एक है।
रिकॉर्ड तोड़ सौदा और सुपर बाउल में नई शुरुआत-
कई रिपोर्ट्स ने 70 मिलियन डॉलर की कीमत की पुष्टि की है। यह बिक्री 2010 में CarInsurance.com के लिए चुकाए गए साढ़े 49 मिलियन डॉलर को पीछे छोड़ देती है। फिनटेक मलेशिया के अनुसार, यह अब तक की सबसे महंगी सार्वजनिक रूप से घोषित डोमेन की डील है। पूरा भुगतान क्रिप्टो करेंसी में किया गया।
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शुरुआती तकनीकी यात्रा-
अरस्यान इस्माइल तकनीकी क्षेत्र के बाहर ज्यादा जाने नहीं जाते, लेकिन वे मलेशिया के तकनीकी क्षेत्र में सालों से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने शुरुआती सोशल नेटवर्किंग प्रोजेक्ट्स पर काम किया। बाद में उन्होंने 1337 टेक की स्थापना की और बिटकॉइन व अन्य डिजिटल संपत्तियों को जल्दी अपनाया।
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रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में डोमेन की लिस्टिंग के बाद उन्हें 100 मिलियन डॉलर तक के ऑफर मिले थे। हालांकि, उन्होंने 70 मिलियन डॉलर का समझौता किया और दूसरों को सलाह दी, कि “किसी अरबपति के साथ ज्यादा सौदेबाजी मत करो।”



