Air Fryer Healthy or Not
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    Air Fryer Healthy or Not: आजकल हर किचन में एयर फ्रायर देखने को मिल रहा है। लोगों का मानना है, कि इस मॉडर्न गैजेट से बनाया गया, कोई भी खाना ऑटोमेटिकली हेल्दी हो जाता है। लेकिन मुंबई के मशहूर ऑर्थोपेडिक सर्जन और स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ मनन वोरा ने एक वीडियो शेयर करके इस मिथक को तोड़ दिया है। 24 दिसंबर को इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए, इस वीडियो में डॉक्टर ने साफ-साफ कहा, कि एयर फ्रायर कोई जादुई मशीन नहीं है, जो आपकी अनहेल्दी डाइट को फिक्स कर दे। बल्कि अगर आप गलत चीजें खा रहे हैं, तो यह आपके हेल्थ गोल्स के खिलाफ काम कर सकता है।

    डॉ वोरा ने बताया, कि ज्यादातर लोग एक हेल्थ हेलो ट्रैप में फंस जाते हैं। वह सोचते हैं, कि कुकिंग का तरीका बदलने से खाने की क्वालिटी भी बदल जाएगी, जो कि बिल्कुल गलत है। एयर फ्रायर असल में एक हार्म रिडक्शन टूल है, न कि आपकी खराब डाइट को ट्रांसफॉर्म करने वाली चीज।

    डीप फ्राई से बेहतर है, लेकिन माइंडलेस ईटिंग का बहाना नहीं-

    हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, डॉ वोरा खुद एयर फ्रायर यूज करते हैं और उन्होंने इसके फायदे भी गिनाए। उन्होंने कहा, कि एयर फ्रायर डीप फ्राइंग की तुलना में 70 से 90 परसेंट कम तेल इस्तेमाल करता है। इसके अलावा यह एक्रिलामाइड जैसे हानिकारक कंपाउंड्स भी कम बनाता है, जो हाई हीट पर तेल में डूबी चीजों को फ्राई करने से पैदा होते हैं। एयर फ्रायर में तेल को बार-बार गर्म नहीं किया जाता, जो डीप फ्राइंग में आम बात है। इसलिए हां, डीप फ्राइंग की तुलना में एयर फ्रायर जरूर बेहतर है।

    लेकिन डॉक्टर का असली सवाल यह है, कि क्या यह आपकी गलत फूड च्वाइसेज और हैबिट्स का सब्स्टिट्यूट बन सकता है? उनका जवाब है, बिल्कुल नहीं। अगर आप रोजाना एयर फ्रायर में फ्रोजन मोमोज़, चिकन नगेट्स, पनीर टिक्का या फ्राइज बना रहे हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।

    फ्रोजन फूड की असलियत जो कंपनियां नहीं बताती-

    डॉ वोरा ने सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट यह बताया, कि एयर फ्राइंग अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फ्रोजन फूड्स को हेल्दी नहीं बना देती। इन फ्रोजन प्रोडक्ट्स में रिफाइंड स्टार्च, एडिटिव्स, प्रिजर्वेटिव्स और एक्सेस नमक होता है, जो एयर फ्राई करने के बाद भी वहीं का वहीं रहता है। अगर कोई चीज एयर फ्रायर में जाने से पहले सोडियम और केमिकल्स से भरी थी, तो बाहर आने के बाद भी वह वैसी ही रहेगी। टेक्नोलॉजी किसी प्रोसेस्ड इंग्रीडिएंट की न्यूट्रिशनल प्रोफाइल को री-इंजीनियर नहीं कर सकती।

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    डॉक्टर का मैसेज बिल्कुल क्लियर है, कि आपकी फिजिकल हेल्थ इस बात पर निर्भर करती है, कि आप क्या खाते हैं, कितना खाते हैं और कितनी बार खाते हैं, न कि किस अप्लायंस से खाना बनाते हैं। उन्होंने अपने कैप्शन में लिखा, कि एयर फ्रायर तभी आपके लिए काम करता है, जब आप इसमें होल फूड्स, बैलेंस्ड मील्स, प्रोटीन, फाइबर और रियल इंग्रीडिएंट्स बनाते हैं। लेकिन अगर यह गिल्ट-फ्री जंक फूड मशीन बन जाए, तो यह आपके खिलाफ काम करता है।

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