Namo Bharat Delhi to Rishikesh
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    Namo Bharat Delhi to Rishikesh: दिल्ली से ऋषिकेश का सफर, जो अभी सड़क पर पांच से छह घंटे लेता है। अगर ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाए तो? यह सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक ठोस प्रस्ताव है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई बैठक में नमो भारत RRTS को मेरठ से आगे हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने की माँग रखी। साथ ही देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश को जोड़ने वाले मेट्रो कॉरिडोर का प्रस्ताव भी सामने रखा।

    अभी कहां तक चलती है नमो भारत और क्या है नया रूट?

    फिलहाल नमो भारत ट्रेन दिल्ली के सराय काले खाँ से मेरठ के मोदीपुरम तक चलती है। नए प्रस्ताव में इस रूट को उत्तर की तरफ हरिद्वार और ऋषिकेश तक खींचा जाएगा। यह रास्ता दौराला-सकौती, खतौली, पुरकाज़ी, रुड़की और हरिद्वार के ज्वालापुर से होते हुए ऋषिकेश पहुंचेगा। यानी दिल्ली से उत्तराखंड तक की यात्रा न केवल तेज़ होगी बल्कि कहीं ज़्यादा आरामदायक भी।

    पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बढ़ावा-

    इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा, कि उत्तराखंड का पर्यटन नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। जब दिल्ली से ऋषिकेश और हरिद्वार का सफर इतना आसान हो जाएगा, तो वहां आने वाले सैलानियों की संख्या में ज़बरदस्त इज़ाफा होगा। विशेषज्ञों का मानना है, कि इससे ऋषिकेश और हरिद्वार में होमस्टे, हॉलिडे होम और किराये के मकानों की मांग भी बढ़ेगी।

    इतना ही नहीं, मुज़फ्फरनगर और रुड़की जैसे शहरों में उद्योग और छात्र आवास का विकास भी हो सकता है। मोदीपुरम जैसे इलाके बड़े ट्रांज़िट हब के रूप में उभर सकते हैं और पूरे क्षेत्र में रियल एस्टेट निवेश को भी पंख लग सकते हैं।

    राह में हैं कुछ चुनौतियां भी-

    हर बड़े सपने की तरह इस परियोजना के रास्ते में भी कुछ अड़चनें हैं। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के पास से गुज़रने वाले रूट को पर्यावरणीय अनुमतियां लेनी होंगी। NH-58 के किनारे ज़मीन अधिग्रहण महंगा साबित हो सकता है क्योंकि वहां ज़मीन की कीमतें काफी ऊंची हैं। ऋषिकेश के पास पहाड़ी इलाके में सुरंगें या ऊंचे ट्रैक बनाने पड़ सकते हैं, जिससे परियोजना की लागत और बढ़ सकती है।

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    उत्तराखंड की बदलती तस्वीर-

    CM धामी का यह प्रस्ताव उत्तराखंड को देश के बाकी हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अगर यह योजना मंज़ूर होती है और ज़मीन पर उतरती है, तो न सिर्फ लाखों यात्रियों का सफर आसान होगा। बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी।

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    By sumit

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