Shrinagar-Leh Highway
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    Srinagar-Leh Highway: शुक्रवार दोपहर को श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक के बाद एक कई हिमस्खलन (snow avalanches) आ गए। Zero Point से Minimarg के बीच का इलाका देखते ही देखते बर्फ और मलबे से भर गया। इस दौरान कई गाड़ियां रास्ते में ही फंस गईं और कुछ पूरी तरह बर्फ के नीचे दब गईं। जो लोग इस रूट पर सफर कर रहे थे, उनके लिए ये पल किसी डरावने सपने से कम नहीं था।

    गाड़ियों में फंसे लोग, सांसें थामे इंतजार-

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक पहाड़ों से भारी मात्रा में बर्फ नीचे गिरने लगी, जिससे हाईवे पर चल रहे वाहनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई लोग अपनी गाड़ियों में फंसे रह गए और मदद का इंतजार करने लगे। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि पहाड़ी इलाकों में मौसम कब करवट ले ले, इसका अंदाजा लगाना कितना मुश्किल है।

    रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं एजेंसियां-

    घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए हैं। बर्फ हटाने और फंसे लोगों को निकालने के लिए मशीनों और टीमों को मौके पर भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी स्थिति का पूरी तरह आकलन किया जा रहा है और जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, उसी हिसाब से कार्रवाई की जा रही है।

    प्रशासन अलर्ट मोड पर, हर संभव मदद का भरोसा-

    लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा, कि उन्होंने कारगिल के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी सरकारी एजेंसियों, डिजास्टर रिलीफ फोर्स और बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि वे खुद इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

    जोज़िला पास पर दर्दनाक हादसा-

    इसी बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी, कि जोजिला पास पर एक वाहन पर हिमस्खलन गिरने से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों को हर संभव इलाज और सहायता देने की बात कही। यह खबर पूरे इलाके में शोक की लहर लेकर आई है।

    क्यों खतरनाक बन जाता है यह हाईवे?

    श्रीनगर-लेह हाईवे लद्दाख और कश्मीर को जोड़ने वाला एक अहम मार्ग है, लेकिन सर्दियों में यहां का मौसम बेहद खतरनाक हो जाता है। भारी बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इस रूट पर अक्सर हिमस्खलन का खतरा बना रहता है। यही वजह है, कि हर साल इस रास्ते पर कई बार ट्रैफिक बाधित होता है।

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    स्थिति पर लगातार नजर-

    फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्य जारी है। लोगों से अपील की जा रही है, कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, इस रूट पर यात्रा करने से बचें। पहाड़ों की ये खूबसूरती जितनी आकर्षक है, उतनी ही खतरनाक भी साबित हो सकती है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।