Vidyut Sakhi
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    Vidyut Sakhi: उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले के स्वार तहसील के गांव कुवरपुर नानकर की रहने वाली सविता देवी की कहानी सुनकर आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। कुछ साल पहले तक उनकी अपनी कोई निजी आमदनी नहीं थी। घर की चार दीवारी तक सीमित ज़िंदगी। लेकिन आज वही सविता देवी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ‘विद्युत सखी’ बनकर हर महीने ₹70,000 से ₹80,000 कमा रही हैं। यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं है, यह उन लाखों महिलाओं के लिए एक मिसाल है, जो बस एक मौके की तलाश में हैं।

    ‘रानी स्वयं सहायता समूह’ ने बदली ज़िंदगी-

    सविता की यह यात्रा 2018 में शुरू हुई, जब उन्होंने ‘रानी स्वयं सहायता समूह’ से जुड़ने का फैसला किया। समूह से जुड़ने के करीब एक साल बाद उन्हें ब्लॉक स्तर पर विद्युत सखी योजना के बारे में पता चला। 2021 में उनका चयन हुआ और ब्लॉक अधिकारियों से प्रशिक्षण लेकर उन्होंने काम शुरू कर दिया। आज वो अपनी पंचायत की अकेली विद्युत सखी हैं और ज़रूरत पड़ने पर दूसरे गांवों और बिजली घरों तक भी जाती हैं।

    स्मार्टफोन और छोटा प्रिंटर-

    सविता का काम करने का तरीका देखकर आप चौंक जाएंगे। वो एक स्मार्टफोन और एक छोटे प्रिंटर के साथ घर-घर जाती हैं। जहां पहले लोग सालों तक बिजली बिल नहीं भरते थे, वहां सविता जाकर मौके पर ही बिल जमा करवाती हैं और तुरंत रसीद देती हैं। हर दिन औसतन 80 से 100 उपभोक्ताओं के बिल जमा होते हैं। OTS योजना के दौरान तो वो रोज़ाना ₹2 लाख से ₹5 लाख तक जमा करती हैं। जनवरी में ₹70 से ₹85 लाख और दिसंबर 2024 व 2025 में तो ₹1 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी हैं।

    पैसे लेकर भाग जाएगी-

    शुरुआत आसान नहीं थी। गांव के लोग भरोसा नहीं करते थे। कहते थे, “यह पैसे लेकर भाग जाएगी” या “यह कोई ठगी है।” लेकिन सविता ने हार नहीं मानी। उन्होंने बिल जमा किए, तुरंत रसीद दी और जब लोगों ने अपना खाता चेक किया, तो बकाया साफ था। धीरे-धीरे विश्वास बना। नेटवर्क की समस्या से निपटने के लिए वो अपने फोन में Jio और Airtel दोनों के SIM रखती हैं, जिससे काम न रुके।

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    स्मार्ट मीटर की चिंता-

    सविता को एक चिंता ज़रूर सताती है। गांवों में स्मार्ट मीटर लगने से उनके काम पर असर पड़ सकता है। वो उम्मीद करती हैं, कि सरकार उन्हें कोई नई भूमिका देगी। लेकिन इससे उनका हौसला कम नहीं हुआ। पूरा परिवार उनके काम में साथ देता है। दूसरी महिलाओं को उनका संदेश है, “लोग क्या कहते हैं इस पर ध्यान मत दो। परिवार का साथ लो, आत्मविश्वास के साथ काम करो और आत्मनिर्भर बनो।”

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।