Noida Techie
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    Noida Techie: 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में शनिवार सुबह से लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। शुक्रवार देर रात ऑफिस से घर लौट रहे युवराज की कार नोएडा सेक्टर 150 में पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। घंटों तक बचाव का इंतजार करने के बावजूद युवक डूब गया। अब सामने आई है रैस्कियू में लापरवाही, पुलिस की धमकी और आइविटनेस को स्क्रीप्ट देने की कहानी।

    आधी रात का वो खौफनाक कॉल-

    हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, युवराज के पिता राज कुमार ने बताया, युवराज जब सेक्टर 150 के चौराहे से गुजर रहे थे, तभी उनकी कार नाली की बाउंड्री तोड़कर पानी में जा गिरी। युवराज किसी तरह कार की छत पर चढ़ गए और आधी रात करीब 12 बजे अपने पिता को फोन किया। “मेरे बेटे ने खुद मुझे फोन किया था, जब वो फंसा हुआ था। उसने कहा, ‘पापा, मैं फंस गया हूं, गाड़ी नाली में गिर गई है’, लेकिन घंटों तक कोई मदद नहीं पहुंची और युवराज की मौत हो गई।

    डिलीवरी बॉय ने खोला बड़ा राज-

    मोनिंदर नाम के एक डिलीवरी एजेंट शनिवार सुबह करीब 1.45 बजे मौके पर पहुंचे और खुद पानी में उतर गए। डिलीवरी एजेंट ने कहा, “मैंने अपनी कमर में रस्सी बांधी और खुद पानी में गया। मैंने करीब 30 मिनट तक युवक और उसकी कार को ढूंढा।” उन्होंने बताया, कि अगर सिर्फ दस मिनट पहले मदद आ जाती, तो युवराज को बचाया जा सकता था।

    पुलिस ने दी ‘स्क्रीप्ट’ और की धमकी-

    सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ, जब मोनिंदर ने बताया, कि उसी दिन पुलिस ने उन्हें बुलाया और एक ‘स्क्रिप्ट’ दी। “पुलिस ने मुझे बुलाया और कहा, कि सीनियर ऑफिसर्स मुझसे बात करना चाहते हैं। जब मैं वहां पहुंचा, उन्होंने मुझे नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के पास एक पार्क में ले गए और मीडिया से बात करने के लिए डांटा,” मोनिंदर ने बताया।

    उन्हें पुलिस के पक्ष में बयान देने के लिए कहा गया, कि कॉप्स पानी के अंदर थे और युवराज को बचाने की पूरी कोशिश की। “उन्होंने मुझे वर्बली स्क्रिप्ट दी और वीडियो रिकॉर्ड किया। डर की वजह से मैंने ‘ओके’ कह दिया, लेकिन मैंने तय किया, कि मैं इकलौता आईविटनेस हूं और सच के साथ खड़ा रहूंगा।”

    घंटों की देरी से आई रैस्क्यू टीम-

    युवराज के दोस्तों ने भी आरोप लगाया है, कि टीमें समय पर रेस्पॉन्ड नहीं कर पाईं। युवराज के दोस्त पंकज ने एचटी रिपोर्ट के अनुसार कहा, “रेस्क्यू टीम सुबह 2.30 बजे ही पहुंची और 3.20 बजे तक पानी में भी नहीं उतर सकी।”

    क्या कहती है ऑटोप्सी रिपोर्ट-

    19 जनवरी को आई ऑटोप्सी रिपोर्ट में बताया गया, कि पीड़ित को एंटी-मॉर्टम ड्राउनिंग के कारण एस्फिक्सिया हुआ, जिसके बाद कार्डियक अरेस्ट हुआ और मौत हो गई। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, युवराज की नाक में मिट्टी और पानी भरा हुआ था और उनके फेफड़ों और सीने में पानी था।

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    रैज़िडेंट्स ने पहले ही की थी शिकायत-

    युवराज के पिता की पुलिस कंप्लेंट में आरोप लगाया गया है, कि सेक्टर 150 के वासियों ने नोएडा अथॉरिटी से नाली के पास बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर लगाने की रिक्वेस्ट की थी, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। पुलिस के शुरुआती जांच में कम विजिबिलिटी और तेज रफ्तार को एक्सीडेंट की वजह बताया गया।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।