Surat Water Tank Collapse
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    Surat Water Tank Collapse: गुजरात के सूरत जिले में शुक्रवार को एक नवनिर्मित पानी की टंकी के धराशायी होने से इलाके में हड़कंप मच गया। 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह टंकी ट्रायल के दौरान ही ढह गई, जिससे तीन मजदूर घायल हो गए। इस घटना ने निर्माण में भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    गायपगला योजना का हिस्सा था प्रोजेक्ट-

    ताडकेश्वर गांव में बनी यह 15 मीटर ऊंची जलाशय राज्य की गायपगला ग्रुप वॉटर सप्लाई स्कीम का अहम हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य 33 गांवों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना था। 11 लाख लीटर की क्षमता वाली इस टंकी में परीक्षण के दौरान लगभग 9 लाख लीटर पानी भरा गया था, तभी यह अचानक टूट गई। राहत की बात यह रही कि टंकी का उद्घाटन नहीं हुआ था और न ही इसे आवासीय सप्लाई लाइनों से जोड़ा गया था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

    सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा-

    घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जनता का गुस्सा फूट पड़ा। एक्स प्लेटफॉर्म पर एक यूजर ने लिखा, “सूरत में पहली बार पानी भरते ही 21 करोड़ की टंकी ढह गई।” दूसरे यूजर ने भ्रष्टाचार पर तंज कसते हुए कहा, “सोचिए इसे बनाने में कितने लोग अरबपति बन गए होंगे।” एक अन्य पोस्ट में दावा किया गया, कि टंकी मिट्टी के घड़े की तरह चकनाचूर हो गई, हालांकि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ढहने के वक्त टंकी में 9 लाख लीटर पानी था।

    खुली घटिया निर्माण की पोल-

    मलबे से मिले सबूतों ने घटिया निर्माण कार्य की पुष्टि कर दी। टूटे कंक्रीट के स्लैब से सीमेंट की परतें साफ झलक रही थीं, जिससे निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री के इस्तेमाल का संदेह और गहरा हो गया। ताडकेश्वर गांव के निवासी अबू बकर ने कहा, कि गांववालों ने इस प्रोजेक्ट का तीन साल इंतजार किया था। उन्होंने राहत जताई, कि उद्घाटन से पहले ही यह हादसा हुआ, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी।

    जांच की मांग और कार्रवाई का आश्वासन-

    ग्रामीणों ने घटिया सीमेंट और लोहे के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए, ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूरत जल आपूर्ति विभाग के डिप्टी इंजीनियर जय सोमाभाई चौधरी ने बताया, कि यह प्रोजेक्ट ‘जयंती स्वरूप’ एजेंसी को दिया गया था। उन्होंने विस्तृत तकनीकी जांच का आश्वासन दिया।

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    एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जय चौधरी ने जानकारी दी, कि सूरत के सरदार वल्लभभाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स की टीम को जांच सौंपी गई है। उन्होंने कहा, “रिपोर्ट आने के बाद ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” अब ग्रामीणों को उम्मीद है, कि गुणवत्तापूर्ण सामग्री से टंकी का पुनर्निर्माण होगा।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।