Dwarka Expressway: दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन करने जा रहे हैं, जो राजधानी क्षेत्र की सुविधा को पूरी तरह से बदल देंगी। अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) और द्वारका एक्सप्रेसवे के दिल्ली हिस्से के खुलने के साथ, नोएडा से इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक का सफर अब केवल 20 मिनट का हो जाएगा।
यह विकास सिर्फ नोएडा के निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी दिल्ली और एनसीआर के उपनगरों के लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। अब तक जो यात्रा घंटों की हुआ करती थी, वो अब मिनटों में पूरी हो जाएगी। रिंग रोड पर भारी ट्रैफिक जाम से परेशान होने वाले यात्रियों को अब एक आसान रास्ता मिल गया है।
UER-II दिल्ली की नई बाहरी वृत्तीय सड़क-
76 किलोमीटर लंबा UER-II कॉरिडोर दिल्ली के परिवहन तंत्र में एक क्रांतिकारी जोड़ है। इसे दिल्ली की नई “बाहरी वृत्तीय सड़क” कहा जा रहा है, जो अलीपुर से महिपालपुर तक फैली हुई है। लगभग 7,716 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 4 से 6 लेन का राजमार्ग मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़ और द्वारका को जोड़ता है।
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत यह है, कि यह दिल्ली-चंडीगढ़, दिल्ली-रोहतक और सोनीपत जैसे मुख्य मार्गों से भी जुड़ता है। इससे एनसीआर के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क का एक व्यापक जाल तैयार हो गया है। अधिकारियों का कहना है, कि यह नियंत्रित प्रवेश वाली एक्सप्रेसवे बिना रुकावट यात्रा को संभव बनाएगी और दिल्ली की मुख्य सड़कों पर दबाव को काफी कम करेगी।
द्वारका एक्सप्रेसवे-
29 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेसवे के दिल्ली हिस्से का उद्घाटन भी आज होगा। यह खेड़की दौला टोल प्लाजा से शिव मूर्ति महिपालपुर तक फैली हुई है। इसका गुरुग्राम हिस्सा पहले से ही मार्च 2024 में काम करना शुरू कर चुका है और अब कॉरिडोर पूरा हो जाएगा।
9,000 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह एक्सप्रेसवे चार पैकेजों में बांटकर बनाई गई है। यह न सिर्फ हवाई अड्डे तक की पहुंच सुधारेगी, बल्कि गुरुग्राम और जयपुर की तरफ जाने वाले ट्रैफिक प्रवाह को भी आसान बनाएगी। इससे उन व्यापारिक पेशेवरों और यात्रियों को बहुत फायदा होगा, जो नियमित रूप से इन रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।
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तकनीकी विशेषताएं और योजना-
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार, UER-II को दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के तहत योजना बनाई गई थी। यह 54 किलोमीटर दिल्ली में और लगभग 21 किलोमीटर हरियाणा में फैली हुई है। इस एक्सप्रेसवे में आठ लेनें हैं, साथ ही सेवा सड़कें, चार बहुस्तरीय चौराहे और कई भूमिगत मार्ग भी बनाए गए हैं।
UER-II को पांच पैकेजों में बांटकर पूरा किया गया है, जबकि द्वारका एक्सप्रेसवे चार पैकेजों में बनी है। यह व्यवस्थित तरीका यह सुनिश्चित करता है कि निर्माण की गुणवत्ता और समय सीमा दोनों बनी रहे।
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