Humayun Tomb Collapses
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    Humayun Tomb Collapses: दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके में स्थित प्रसिद्ध हुमायूं के मकबरे में शुक्रवार की शाम एक गुंबद का हिस्सा अचानक गिर गया। आठ से नौ लोगों के इस दुर्घटना में मलबे के नीचे दब जाने की आशंका है। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों ने बताया, कि शाम करीब 4:30 बजे इस हादसे की जानकारी मिली थी।

    तत्काल शुरू हुआ बचाव कार्य-

    हालांकि अभी तक ये जानकारी नहीं मिली है, कि अचानक से गुंबद कैसे गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पांच दमकल गाड़ियों को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया है। बचाव कार्य जारी है और अधिकारी मलबे के नीचे दबे हुए लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने कहा कि स्थिति गंभीर है और वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

    हुमायूं का मकबरा एक ऐतिहासिक धरोहर-

    हुमायूं का मकबरा दिल्ली की सबसे खूबसूरत और महत्वपूर्ण विरासत स्थलों में से एक है। यह 16वीं शताब्दी के मध्य में बना एक मकबरा है जो मुगल बादशाह हुमायूं की याद में उनकी बेगम हाजी बेगम द्वारा बनवाया गया था। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त यह स्मारक हर दिन सैकड़ों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

    इस खूबसूरत इमारत की स्थापत्य कला देश और विदेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है। इसकी भारतीय-इस्लामी स्थापत्य शैली और सुंदर बगीचे लोगों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। यही कारण है, कि यहां रोजाना सैलानियों की भारी संख्या आती है।

    चश्मदीद गवाह का बयान-

    घटना के चश्मदीद गवाह विशाल कुमार का कहना है, “मैं हुमायूं के मकबरे में काम करता हूं। जब हमने आवाज सुनी तो मेरे सुपरवाइजर दौड़ते हुए आए। हमने लोगों को बुलाया और प्रशासन को सूचित किया। धीरे-धीरे हमने उन लोगों को निकाला जो फंसे हुए थे।” विशाल कुमार और उनके साथियों की तत्परता की वजह से शुरुआती बचाव कार्य में मदद मिली और स्थिति को और गंभीर होने से रोका जा सका।

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    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल-

    इस घटना के बाद ऐतिहासिक स्मारकों की देखभाल और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। इस दुखद घटना के बाद यह जरूरी हो गया है, कि हमारी सभी धरोहर स्थलों पर सुरक्षा उपायों को और भी मजबूत बनाया जाए। सरकार को चाहिए, कि वह ऐतिहासिक इमारतों की मजबूती को नियमित रूप से जांचे ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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