Employment Scheme 2025: स्वतंत्रता दिवस के 79वें मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए एक शानदार तोहफा दिया है। PM मोदी ने ‘विकसित भारत रोजगार योजना’ की घोषणा की है, जिसके लिए 1 लाख करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। यह योजना न सिर्फ बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए बनाई गई है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाने का काम करेगी।
इस योजना की सबसे खास बात यह है, कि जो भी युवा पहली बार प्राइवेट क्षेत्र में नौकरी करेगा, उसे सरकार की तरफ से सीधे 15,000 रुपए मिलेंगे। यह राशि दो किस्तों में दी जाएगी और साथ ही नियोक्ताओं को भी नई नौकरियां बनाने के लिए प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
योजना का समय और लक्ष्य-
विकसित भारत रोजगार योजना 1 अगस्त 2025 से शुरू होकर 31 जुलाई 2027 तक चलेगी। इस दो साल की अवधि में सरकार का लक्ष्य है, 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियां पैदा करना। इनमें से 1.92 करोड़ नौकरियां उन लोगों के लिए होंगी, जो पहली बार काम की दुनिया में कदम रख रहे हैं।
यह योजना 99,446 करोड़ रुपए के बजट के साथ विशेष रूप से निर्माण क्षेत्र पर ध्यान देते हुए तैयार की गई है। सरकार का मानना है, कि निर्माण क्षेत्र में नौकरी सृजन से न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ को भी बढ़ावा मिलेगा।
कर्मचारियों के लिए फायदे-
इस योजना में कर्मचारियों के लिए कई आकर्षक लाभ हैं। सबसे पहले, यह योजना केवल उन लोगों के लिए है, जो पहली बार प्राइवेट क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं। आवेदक का EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) में पंजीकरण होना जरूरी है और उसकी मासिक तनख्वाह 1 लाख रुपए तक होनी चाहिए।
कर्मचारी को एक महीने की EPF मजदूरी के बराबर रकम मिलेगी, जो अधिकतम 15,000 रुपए तक हो सकती है। यह राशि दो हिस्सों में दी जाएगी। पहली किस्त 6 महीने सेवा पूरी करने के बाद मिलेगी और दूसरी किस्त 12 महीने बाद वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने पर मिलेगी।
प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के बचत खाते में रखा जाएगा, जिसे बाद में निकाला जा सकेगा। 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच बनने वाली नौकरियां इस योजना के लिए योग्य होंगी।
नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन-
इस योजना में नियोक्ताओं को भी अच्छे प्रोत्साहन मिलेंगे। जो कंपनियां 1 लाख रुपए तक वेतन वाले कर्मचारियों को नियुक्त करेंगी, उन्हें हर नए कर्मचारी के लिए दो साल तक हर महीने 3,000 रुपए तक मिलेंगे। निर्माण क्षेत्र के नियोक्ताओं के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे साल तक भी बढ़ाया गया है।
नियोक्ताओं को कम से कम छह महीने तक नए कर्मचारियों को रखना होगा। अगर किसी कंपनी में 50 से कम कर्मचारी हैं, तो उसे दो अतिरिक्त लोगों को नियुक्त करना होगा और अगर 50 या इससे ज्यादा कर्मचारी हैं, तो पांच अतिरिक्त लोगों को रखना होगा।
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भुगतान का तरीका और अन्य घोषणाएं-
कर्मचारियों को आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम के जरिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से पैसे मिलेंगे, जबकि नियोक्ताओं के PAN से जुड़े बैंक खातों में सीधे रकम भेजी जाएगी।
PM मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी शामिल थीं। उन्होंने कहा, कि साल के अंत तक भारत में ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, दिवाली तक GST की संरचना को सरल बनाया जाएगा ताकि अनुपालन और लेन-देन आसान हो सके।
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