Insistence of iPhone
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    Insistence of iPhone: मुंगेर जिले के जमालपुर स्थित मोहनपुर खलासी मोहल्ले में 19 वर्षीय खुशबू कुमारी ने महंगे आईफोन की जिद पूरी न होने पर आत्महत्या करने का प्रयास किया। खुशबू ने डेढ़ लाख रुपए के iPhone की मांग को लेकर अपने हाथों पर ब्लेड से सौ से ज्यादा वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि क्या महंगे गैजेट्स की चाहत युवा पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल रही है?

    Insistence of iPhone आईफोन की जिद और परिवार की परेशानियां-

    खुशबू पिछले तीन महीनों से अपने माता-पिता से महंगे आईफोन की मांग कर रही थी। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए, उसके माता-पिता, जो मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं, इस महंगे फोन को खरीदने में असमर्थ थे। खुशबू की माँ, सुशीला देवी ने बताया कि वे गरीब मजदूर हैं और इतने महंगे फोन का खर्च नहीं उठा सकते। फिर भी, खुशबू अपनी जिद पर अड़ी रही और लगातार आईफोन की मांग करती रही।

    Insistence of iPhone खुशबू ने उठाया आत्मघाती कदम-

    जब खुशबू की माँ ने एक बार फिर उसे आईफोन दिलाने से मना किया, तो खुशबू ने गुस्से में आकर अपने कमरे को बंद कर लिया और वहां अपने हाथों पर ब्लेड से कई वार कर लिए। परिवार के अन्य सदस्य जब उसे कमरे में देखा तो तुरंत अस्पताल लेकर गए। डॉक्टरों के मुताबिक, उसके जख्म गहरे नहीं हैं, लेकिन गंभीर हैं और इलाज जारी है।

    विवाह और परिवार की स्थिति-

    खुशबू ने छह महीने पहले अपने गाँव के युवक सत्यम से भागकर शादी की थी। सत्यम अभी पढ़ाई कर रहा है और वह भी खुशबू के लिए आईफोन खरीदने की स्थिति में नहीं था। इसके बावजूद, खुशबू की जिद में कोई कमी नहीं आई और वह लगातार अपने माता-पिता से महंगे फोन की मांग करती रही। इस पूरे मामले में खुशबू के माता-पिता बेहद चिंतित थे, क्योंकि वे जानते थे कि उनका परिवार इस तरह के खर्च को वहन नहीं कर सकता।

    खुशबू का पछतावा और इलाज-

    घटना के बाद खुशबू ने अपने माता-पिता से माफी मांगी और यह वादा किया, कि वह भविष्य में इस तरह की किसी गलती को नहीं दोहराएगी। फिलहाल, उसका इलाज जारी है और डॉक्टरों का कहना है कि वह जल्द ही ठीक हो जाएगी। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कभी-कभी मानसिक तनाव और जिद एक व्यक्ति को इतना प्रभावित कर सकते हैं कि वह अपने जीवन के बारे में गलत फैसले ले सकता है।

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    समाज के लिए एक संदेश-

    यह घटना हमें यह समझने का मौका देती है कि बच्चों की इच्छाओं को बिना समझे और उनके मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखे बिना कभी भी कोई फैसला नहीं लेना चाहिए। बच्चों को इस बात की समझ देनी चाहिए कि जीवन में सब कुछ पाने के लिए कड़ी मेहनत और सही तरीके से काम करना जरूरी है, न कि किसी चीज की जिद करना।

    इस घटना ने यह साबित कर दिया कि हमें बच्चों की मानसिक स्थिति और उनकी इच्छाओं को समझने की जरूरत है। महंगे गैजेट्स और चीजों की चाहत यदि सही तरीके से प्रबंधित न की जाए तो यह गंभीर परिणाम दे सकती है, जैसा कि खुशबू के मामले में देखा गया।

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