Manisha Murder Case: हरियाणा के भिवानी जिले के सिंघानी गांव में 19 वर्षीय प्लेस्कूल टीचर मनीषा की निर्दयतापूर्वक हत्या के बाद लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार के विरोध प्रदर्शन के बाद सोमवार को एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इस बैठक में पूर्व भाजपा मंत्री जेपी दलाल ने पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया, लेकिन गांव वालों ने साफ कहा, कि पहले हत्यारों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
13 अगस्त को मनीषा का शव सिंघानी के एक खेत में मिला था, जिसका गला रेत दिया गया था। इस भयानक घटना के बाद से स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है, कि पुलिस जांच में देरी कर रही है। सप्ताहांत में बाजार बंद रहे और लोगों ने सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की।
पुलिस की लापरवाही से बढ़ा परिवार का दुख-
इंडिया टूडे की मानें, तो मनीषा 11 अगस्त को अपने स्कूल से एक नजदीकी नर्सिंग कॉलेज में कोर्स की जानकारी लेने गई थी, लेकिन घर वापस नहीं लौटी। जब शाम तक वह नहीं आई और फोन का जवाब नहीं मिला, तो उसके पिता ने लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन लोहारू पुलिस ने पहले उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और कहा कि “लड़की भाग गई होगी” और “दो दिन में वापस आ जाएगी।” यह जवाब सुनकर परिवार वाले और भी परेशान हो गए।
मनीषा के परिवार ने बताया, कि पुलिस उनके साथ नर्सिंग कॉलेज गई थी, जहां तीन नशे में धुत आदमियों से पूछताछ की गई। उन लोगों ने कहा, कि उन्होंने मनीषा को नहीं देखा है और कॉलेज दोपहर 1 बजे बंद हो गया था। 13 अगस्त को एक किसान को सिंघानी गांव के पास नहर के किनारे खेत में एक युवती का शव मिला। पुलिस के पहुंचने पर पता चला, कि यह मनीषा का शव है।
परिवार का दर्द, अंतिम संस्कार से इंकार-
पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद भी मनीषा के परिवार ने शव लेने से इंकार कर दिया। उनकी मांग है, कि पहले इस जघन्य अपराध के दोषियों को गिरफ्तार किया जाए, तब वे अंतिम संस्कार करेंगे। भिवानी सिविल अस्पताल, जहां पोस्टमॉर्टम किया गया था, वहां तनाव का माहौल था। इसके कारण पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
मनीषा के दोस्तों और गांव वालों ने उसे एक शांत और अच्छे स्वभाव की लड़की बताया। उसकी स्कूल की सहेली पिंकी ने कहा, कि यह कल्पना भी नहीं की जा सकती, कि कोई उसे नुकसान पहुंचा सकता है। गांव की एक महिला ने आरोप लगाया, कि अगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की होती, तो मनीषा की जान बचाई जा सकती थी।
सड़कों पर उतरे लोग-
लोगों का गुस्सा सप्ताहांत में सड़कों पर फूट पड़ा। शनिवार को धिगावा मंडी के पास एक महापंचायत में तुरंत अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। रविवार को गांव वालों ने दिल्ली-पिलानी रोड को जाम कर दिया और न्याय की मांग की। पुलिस ने कहा है, कि मामले की जांच के लिए छह टीमें बनाई गई हैं और पीजीआईएमएस रोहतक में पोस्टमॉर्टम किया गया है। मौत का कारण फॉरेंसिक लैब से विसेरा रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मामले की हैंडलिंग को लेकर भिवानी एसपी का तबादला और पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया है। लेकिन विपक्षी नेताओं का कहना है, कि ये कदम काफी नहीं है।
राजनीतिक बवाल-
इस हत्याकांड ने भाजपा शासित राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भड़काई हैं। हरियाणा मंत्री श्रुति चौधरी ने रविवार को कहा, कि मुख्यमंत्री सैनी व्यक्तिगत रूप से जांच की निगरानी कर रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव और सिरसा सांसद कुमारी सेल्जा ने कहा, कि इस अपराध ने “पूरे देश को हिला दिया है।” उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक जघन्य अपराध नहीं है, बल्कि राज्य में कानून व्यवस्था के पतन का स्पष्ट उदाहरण है।” सेल्जा के अनुसार, पुलिस ने परिवार की चिंताओं को नजरअंदाज करते हुए कहा था, कि “लड़की भाग गई होगी, अपने आप वापस आ जाएगी।”
उन्होंने पुलिसकर्मियों के निलंबन और भिवानी एसपी के तबादले को “मात्र आंखों में धूल झोंकना” बताया और हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। “आज पूरा राज्य पूछ रहा है, क्या हरियाणा की बेटियां सुरक्षित हैं? भाजपा सरकार को इस सवाल का जवाब देना चाहिए।”
विपक्ष का हमला-
इंडियन नेशनल लोकदल के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने इस मामले को सरकार पर “कलंक” बताया और कहा, कि इसने भाजपा के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” नारे की पोल खोल दी है। “राज्य में आज स्थिति यह है, कि हरियाणा महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्यों में से एक बन गया है। भाजपा सरकार के तहत बेटियों की सुरक्षा की उम्मीद करना व्यर्थ है।”
ये भी पढ़ें- Delhi Raja Garden हादसे ने निगली तीन परिवारों की खुशियां, इलेक्ट्रिक दुकान में आग..
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग धंडा ने आरोप लगाया, कि अपराधी निर्भय होकर काम कर रहे हैं। जबकि सरकार उदासीन बनी हुई है। “अपराधी निर्भय होकर काम कर रहे हैं, जेलों से फिरौती की कॉलें आ रही हैं, फिर भी मुख्यमंत्री मूक दर्शक बने हुए हैं।”
धंडा ने पुलिस के आंकड़े का हवाला देते हुए बताया, कि 2025 की पहली छमाही में 4,100 से अधिक लोग लापता हुए हैं, यानी रोजाना औसतन 45 लोग। अपहरण के मामले 1,000 के पार पहुंच गए हैं। उन्होंने जींद में एक महीने में 17 हत्याओं का जिक्र किया और कहा, कि हिसार और रोहतक में महिलाओं के खिलाफ अपराध “प्रशासनिक पक्षाघात” को दर्शाते हैं।
ये भी पढ़ें- INDIA गठबंधन करेगा चुनाव बॉयकॉट? RJD नेता ने दिया जवाब