Kanpur Gang Rape Case
    Photo Source - Google

    Kanpur Gang Rape Case: कानपुर शहर में इस हफ्ते एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया। एक 14 साल की मासूम बच्ची के साथ एक लोकल यूट्यूबर और एक पुलिस अधिकारी ने मिलकर गैंगरेप किया। यह घटना इतनी भयावह है, कि इसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। पीड़िता कक्षा 7 में पढ़ती थी, लेकिन पढ़ाई छोड़ चुकी थी।

    घटना रात करीब 10 बजे की है, जब आरोपी बच्ची को एक महिंद्रा स्कॉर्पियो में बैठाकर रेलवे ट्रैक के पास एक सुनसान जगह पर ले गए। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद बेहोश हालत में उसे उसके घर के बाहर छोड़ दिया गया। परिवार ने जब पुलिस में शिकायत की तो शुरुआत में उन्हें टालने की कोशिश की गई।

    आरोपी कौन हैं?

    एफआईआर में दो लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं, सब-इंस्पेक्टर अमित कुमार मौर्य और लोकल यूट्यूबर शिवबरन यादव। शिवबरन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि सब-इंस्पेक्टर मौर्य फरार है। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए चार टीमें लगा दी हैं। जिस स्कॉर्पियो में बच्ची को ले जाया गया था, वह गाड़ी भी सब-इंस्पेक्टर मौर्य के नाम रजिस्टर्ड है और उसे जब्त कर लिया गया है।

    मौर्य की तैनाती बिठूर पुलिस स्टेशन में थी, लेकिन घटना के समय वह सचेंडी में मौजूद था। यह सवाल उठता है, कि वह वहां क्या कर रहा था और क्यों ड्यूटी छोड़कर आया था।

    परिवार का आरोप और कवर-अप की कोशिश-

    पीड़िता के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, कि स्थानीय पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की। जब उन्होंने बताया, कि एक पुलिसकर्मी शामिल है, तो शुरू में उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। पीड़िता के भाई ने बताया, कि पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया और कोर्ट में बयान रिकॉर्ड होने तक उसे घर जाने नहीं दिया।

    ये भी पढ़ें- तुर्कमान गेट में तोड़फोड़ के बाद तनाव, दुकानें हुई बंद और भारी मात्रा में…

    प्रशासनिक कार्रवाई-

    अंग्रेज़ी समाचार वेबसाइट इंडिया टूडे के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने इस मामले में सख्त कदम उठाए हैं। डीसीपी (वेस्ट) दिनेश चंद्र त्रिपाठी को हटा दिया गया है और सचेंडी एसएचओ विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इन दोनों अधिकारियों पर आरोप है, कि उन्होंने शुरुआत में POCSO एक्ट नहीं लगाया और केस रिकॉर्ड में गलत तथ्य दर्ज किए।

    अब सचेंडी पुलिस स्टेशन की जिम्मेदारी दीनानाथ मिश्रा को दी गई है और एडिशनल डीसीपी (वेस्ट) कपिल देव सिंह जांच की देखरेख करेंगे। पुलिस कमिश्नर ने साफ कहा है, कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    ये भी पढ़ें- BJP ने Congress से मिलाया हाथ! अंबरनाथ नगर परिषद में बड़ा राजनीतिक उलटफेर

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।