Ganga Expressway Haridwar: देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में से एक Ganga Expressway का मार्ग अब आधिकारिक रूप से बदल दिया गया है। पहले यह एक्सप्रेसवे सिर्फ उत्तर प्रदेश के अंदर मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर की दूरी तय करता था, लेकिन अब इसे अमरोहा और बिजनौर होते हुए सीधे हरिद्वार तक बढ़ाया जाएगा। यह निर्णय उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों के बीच हुई आपसी सहमति के बाद लिया गया है और इसे सड़क संपर्क के नज़रिये से एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
UPEIDA ने तैयार किया-
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी UPEIDA ने अमरोहा से हरिद्वार तक 140 किलोमीटर लंबे नए मार्ग का खाका तैयार किया है। इस नए मार्ग की प्रस्तुति मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्धन के सामने रखी गई। इस प्रस्तुति में भूमि अधिग्रहण, उपयोगिता स्थानांतरण, पर्यावरण अनुमति और पर्यावरण प्रभाव आकलन, सभी ज़रूरी पहलुओं की जानकारी दी गई। UPEIDA के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया, कि परियोजना को बिना किसी देरी के आगे बढ़ाया जाएगा।
Haridwar बनेगा नई मंज़िल-
बिजनौर जिले के लिए यह विस्तार किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। लंबे समय से बिजनौर की मांग थी, कि उसे एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ा जाए और अब Amroh-Bijnor-Haridwar Corridor के ज़रिए यह सपना पूरा होने जा रहा है। इस कॉरिडोर से न सिर्फ यातायात सुविधा बेहतर होगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, कृषि और पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी। गंगा किनारे बसे बिजनौर की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत अब और अधिक सैलानियों को अपनी ओर खींच सकेगी।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बनेगा मज़बूत आर्थिक पुल-
Haridwar, जो देश का एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र है, के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ने के बाद गंगा तटीय पर्यटन को ज़बरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए सड़क मार्ग काफी सुगम हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडेय ने इस नए मार्ग की पुष्टि करते हुए कहा, कि UPEIDA ने सचिवालय में प्रस्तुति दी है और नया मार्ग हरिद्वार को बिजनौर-अमरोहा से जोड़ेगा।
गंगा नदी के दाहिने किनारे से शुरू होगा नया मार्ग-
एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है, कि पहले एक्सप्रेसवे का हरिद्वार सिरा गंगा नदी के बाएं किनारे से शुरू होना था, लेकिन अब यह दाहिने किनारे से आरंभ होगा। यह परिवर्तन निर्माण और सड़क संपर्क दोनों के लिहाज़ से अधिक व्यावहारिक और उपयुक्त माना जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश की कायापलट-
Ganga Expressway पहले से ही उत्तर प्रदेश के 12 से अधिक जिलों से होकर गुजरता है और इसे राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जाता है। हरिद्वार विस्तार के बाद यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय एकीकरण को और मज़बूत करेगा, यात्रा का समय घटाएगा और दोनों राज्यों में संतुलित विकास को बढ़ावा देगा। एक बार परियोजना पूरी होने पर यह एक्सप्रेसवे लाखों लोगों की जीवन रेखा साबित होगा, चाहे वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल जा रहे हों या उत्तराखंड की ओर।
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