Gujrat Earthquake: शुक्रवार की सुबह Gujarat के Rajkot जिले में जयपुर, धोराजी, अपलेटा और आसपास के इलाकों में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह 6 बजे से लेकर साढ़े 8 बजे तक कुल सात बार धरती हिली, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
सबसे तेज़ झटका सुबह 6:19 बजे-
Institute of Seismological Research (ISR) के आंकड़ों के अनुसार, सबसे तेज़ भूकंप का झटका शुक्रवार की सुबह 6:19 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड थी। इसके बाद सुबह 8:34 बजे तक कुल सात झटके लगातार आते रहे। इससे पहले गुरुवार रात 8:43 बजे भी 3.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप इसी इलाके में आया था, जो आने वाली आपदा का संकेत था।
कहां था भूकंप का केंद्र-
ISR की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी भूकंपों का केंद्र मुख्य रूप से Upleta से 27 से 30 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व (ENE) की दिशा में स्थित था। भूकंप की गहराई 6.1 किलोमीटर से लेकर 13.6 किलोमीटर तक रही। यह गहराई बताती है कि ये झटके धरती की सतह के काफी करीब थे, जिसकी वजह से इनकी तीव्रता ज्यादा महसूस हुई।
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— Epic ( Earthquake Research & Analysis ) (@epic_earthquake) January 9, 2026
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किस समय आए कितनी तीव्रता के झटके-
सुबह 6:19 बजे आया 3.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप सबसे शक्तिशाली था। इसके बाद 6:56 बजे 2.9 मैग्नीट्यूड, 6:58 बजे 3.2 मैग्नीट्यूड, 7:10 बजे 2.9 मैग्नीट्यूड, 7:13 बजे 2.9 मैग्नीट्यूड और 7:33 बजे 2.7 मैग्नीट्यूड के झटके आए। आखिरी झटका सुबह 8:34 बजे महसूस किया गया। यह क्रम दिखाता है, कि धरती के अंदर की हलचल कई घंटों तक जारी रही।
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लोगों ने घरों से बाहर निकलकर ली शरण-
Jetpur, Dhoraji और Upleta के ग्रामीण इलाकों में लगातार आ रहे, झटकों से घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। सड़कों पर और खुले मैदानों में लोगों ने शरण ली। हालांकि राहत की बात यह है, कि अब तक किसी भी तरह की जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए, स्थिति पर लगातार नजर रखी है और लोगों को सुरक्षित रहने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है, कि ऐसी परिस्थितियों में घबराने की बजाय सुरक्षित स्थानों पर जाना और आपदा प्रबंधन के नियमों का पालन करना जरूरी है।
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