Bihar News: बिहार के नवादा जिले में एक बार फिर अंधविश्वास ने एक निर्दोष महिला की जान ले ली। पैंतीस वर्षीय किरण देवी को सिर्फ इसलिए मार डाला गया, क्योंकि पड़ोसी परिवार के एक बच्चे की तबीयत खराब हो गई थी। पड़ोसियों ने किरण देवी पर डायन होने का आरोप लगाया और उसे इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी मौत हो गई।
इस हमले में दो अन्य महिलाएं भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है, कि इक्कीसवीं सदी में भी अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं। किरण देवी के परिवार के अनुसार, यह हमला पड़ोसी परिवार के बच्चे की बीमारी को लेकर शक की वजह से हुआ।
पड़ोसी और रिश्तेदारों ने लगाया आरोप-
मुकेश चौधरी, महेंद्र चौधरी, नत्रु चौधरी, शोभा देवी नामक पड़ोसी और रिश्तेदारों ने किरण देवी पर आरोप लगाया, कि उसने टोना-टोटका करके बच्चे को बीमार कर दिया है। गुस्से में आकर इन लोगों ने ईंट, पत्थर और लोहे की रॉड से किरण देवी पर हमला कर दिया। इस हमले में किरण की छोटी देवरानी ललिता देवी और एक बड़ी देवरानी भी घायल हो गईं।
अस्पताल ले जाते वक्त तोड़ा दम-
सभी घायल महिलाओं को तुरंत सब-डिवीजनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने फर्स्ट एड दी, लेकिन भारी मात्रा में खून बह जाने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दुर्भाग्य से किरण देवी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। किरण देवी के पीछे दो बेटे और दो बेटियां हैं, जो अब अनाथ हो गई हैं।
पीड़िता की भाभी रेखा देवी ने बताया, कि मुकेश चौधरी का बच्चा बीमार पड़ गया था और उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। डॉक्टर ने दिमाग से जुड़ी कोई प्रॉब्लम बताई थी। इसके बावजूद पड़ोसी किरण देवी को डायन बताते रहे और उस पर बुरी नज़र डालने का आरोप लगाते रहे। आखिरकार यही शक जानलेवा साबित हुआ।
पुलिस ने तीन लोगों को लिया हिरासत में-
नवादा के राजौली थाना प्रभारी रंजीत कुमार ने बताया, कि इलाके में दो रिश्तेदार परिवारों के बीच विवाद चल रहा था, जिसकी वजह से यह झड़प हुई। उन्होंने कहा, कि दोनों तरफ से चार से पांच लोग घायल हुए हैं। तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है। फॉरेंसिक टीम ने सबूत इकट्ठे कर लिए हैं और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया जाएगा।
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अंधविश्वास से जुड़ी ऐसी घटनाएं, इस जिले के लिए नई नहीं हैं। करीब डेढ़ साल पहले राजौली में ही एक महिला को डायन करार देकर जिंदा जला दिया गया था। अगस्त दो हजार पच्चीस में नवादा के हिसुआ थाना क्षेत्र में एक दंपति पर हमला हुआ था, जिसमें पति की मौत हो गई थी और पत्नी को जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी। यह घटनाएं समाज में फैली अशिक्षा और अंधविश्वास की गहराई को दर्शाती हैं।
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