Aniruddhacharya Controversy
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    Aniruddhacharya Controversy: आध्यात्मिक गुरु और प्रवचनकार अनिरुद्धाचार्य महाराज अक्टूबर में महिलाओं के बारे में दिए गए, अपने अभद्र बयान की वजह से अब गंभीर कानूनी मुसीबत में फंस गए हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा में सीजेएम कोर्ट में उनके खिलाफ याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद अब औपचारिक रूप से केस दर्ज हो गया है। इस मामले में अब उन्हें ट्रायल का सामना करना पड़ेगा और पहली जनवरी को अगली सुनवाई में याचिकाकर्ता का बयान दर्ज किया जाएगा।

    वायरल वीडियो में क्या कहा था अनिरुद्धाचार्य ने-

    अक्टूबर महीने में सोशल मीडिया पर अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने युवा लड़कियों के बारे में बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनका कहना था, कि आजकल बेटियों की शादी पच्चीस साल की उम्र में होती है और तब तक वे कई जगह मुंह मार चुकी होती हैं। यह बयान सुनते ही पूरे देश में तीखी प्रतिक्रिया हुई और महिला संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की। बाद में प्रवचनकार ने सफाई देते हुए कहा, कि वे महिलाओं का सम्मान करते हैं और उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है, लेकिन तब तक मामला काफी बढ़ चुका था।

    इस विवाद के बाद अखिल भारतीय हिंदू महासभा की आगरा जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने सीजेएम उत्सव राज गौरव की अदालत में केस दर्ज करवाया। सुनवाई के बाद सीजेएम ने अब शिकायत को औपचारिक रूप से कोर्ट में दर्ज कर लिया है, जिससे आध्यात्मिक गुरु की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

    वकील ने बताई आगे की रणनीति-

    मीरा राठौर के वकील मनीष गुप्ता ने इस फैसले को बड़ी सफलता बताते हुए कहा, कि कोर्ट ने शिकायत को रजिस्टर कर लिया है और अब आगे की सुनवाई होगी। उन्होंने बताया, कि यह शिकायत दर्ज होना उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पहली जनवरी को केस की सुनवाई होगी और वादी मीरा राठौर का बयान रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला आगे बढ़ेगा।

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    दिशा पाटनी की बहन ने भी जताया था विरोध-

    इससे पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी ने भी एक वीडियो मैसेज के जरिए प्रवचनकार को जमकर फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा था, कि अगर वे उनके सामने होते, तो वे उन्हें महिलाओं के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्दों का असली मतलब समझा देतीं।

    हालांकि इस मामले में खुशबू को बाद में गैंगस्टर्स से धमकियां भी मिलीं, जिसके बाद अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी थी। यह पूरा प्रकरण दर्शाता है, कि सार्वजनिक मंचों से दिए गए बयान, कितने गंभीर परिणाम ला सकते हैं और समाज में जिम्मेदारी से बोलना कितना जरूरी है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।