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    Viral Video: आज के तेज़ी से बदलते जॉब मार्केट में “लॉयल्टी” यानी एक ही कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहना, क्या सच में फायदेमंद है? इसी सवाल को लेकर एक Microsoft टेक इंजीनियर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सैलेश गुरंग ने अपने करियर का अनुभव शेयर करते हुए बताया, कि उनकी सैलरी ग्रोथ करीब चार साल तक धीमी रही और इसकी सबसे बड़ी वजह उन्होंने “लॉयल्टी” को बताया।

    TCS से शुरू हुआ सफर-

    सैलेश गुरंग ने बताया, कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत TCS से की थी, जहां उन्होंने करीब 4 साल तक काम किया। इस दौरान उन्होंने पूरी मेहनत और ईमानदारी से काम किया, उन्हें भरोसा था, कि समय के साथ उनका ग्रोथ अपने आप होगा। लेकिन हकीकत कुछ और निकली। उनके मुताबिक, सैलरी में इंक्रीमेंट काफी कम था और करियर ग्रोथ भी उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई। उन्होंने साफ कहा, कि लॉयल्टी से आपकी सैलरी नहीं बढ़ती और यही सोच उनके करियर में देरी का कारण बनी।

    कम्फर्ट ज़ोन बना सबसे बड़ा दुश्मन-

    हालांकि गुरंग ने अपनी पहली कंपनी को लेकर आभार भी जताया। उन्होंने कहा, कि वहां से उन्हें बेसिक स्किल्स, अनुशासन और प्रोफेशनल समझ मिली। लेकिन उन्होंने यह भी माना, कि लंबे समय तक कम्फर्ट ज़ोन में रहना उनके लिए नुकसानदायक साबित हुआ।

    उन्होंने बताया, कि असली बदलाव तब आया, जब उन्होंने खुद में निवेश करना शुरू किया, नई स्किल्स सीखी और अपने सुरक्षित दायरे से बाहर निकलने का फैसला लिया। यही निर्णय उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बना।

    TCS से Deloitte और फिर Microsoft तक का सफर-

    गुरंग ने बताया, कि उन्होंने जब जॉब स्विच किया, तो उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा। TCS से निकलकर उन्होंने Deloitte जॉइन किया और फिर Microsoft तक का सफर तय किया। उनके मुताबिक, ग्रोथ सिर्फ कंपनी बदलने में नहीं, बल्कि खुद को बदलने और सही समय पर निर्णय लेने में है। उन्होंने कहा, “ग्रोथ का मतलब हमेशा कंपनी छोड़ना नहीं होता, बल्कि यह समझना होता है, कि आप कब अपने पुराने वर्जन से आगे निकल चुके हैं।”

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    सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया-

    इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी-अपनी राय रखनी शुरू कर दी। कुछ लोगों ने गुरंग की बात से सहमति जताई और कहा, कि वे भी इसी तरह के अनुभव से गुजरे हैं। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे लॉयल्टी नहीं बल्कि “आलस” बताया। एक यूजर ने लिखा, कि कई बार लोग अपने कम्फर्ट को ही लॉयल्टी का नाम दे देते हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा, कि सैलरी ग्रोथ सिर्फ कंपनी बदलने से नहीं, बल्कि सही लोकेशन और अवसर मिलने से भी जुड़ी होती है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।