Netanyahu
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    Netanyahu: पश्चिम एशिया में युद्ध की आग के बीच सोशल मीडिया पर एक और तूफान आ गया। अफवाह यह थी, कि इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक ईरानी मिसाइल हमले में मारे गए हैं। इंटरनेट पर ऐसी तस्वीरें और वीडियो फैलने लगे, जिनमें नेतन्याहू को खून से लथपथ और मलबे में दबा दिखाया गया था। यह खबर इतनी तेज़ी से फैली कि नेतन्याहू के दफ्तर को सफाई देने के लिए खुद मैदान में उतरना पड़ा।

    Proof of Life यह शब्द क्यों बना चर्चा का केंद्र?

    इस पूरे प्रकरण ने एक शब्द को सुर्खियों में ला दिया, ‘proof of life’ यानी जीवित होने का प्रमाण। यह वो प्रक्रिया है, जिसके ज़रिए किसी व्यक्ति के ज़िंदा होने की पुष्टि की जाती है। युद्ध, संघर्ष या बंधक जैसी परिस्थितियों में यह प्रमाण किसी हालिया वीडियो, तस्वीर, आवाज़ की रिकॉर्डिंग या लिखित संदेश के रूप में दिया जाता है।

    ईरान युद्ध में यह शब्द इसलिए चर्चा में आया क्योंकि इज़राइल और अमेरिका ने ईरान के कई बड़े नेताओं को समाप्त कर दिया है, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई, सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब शामिल हैं।

    पहला वीडियो आया-

    अफवाहों को काटने के लिए नेतन्याहू ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें वो एक कॉफी शॉप में बैठे बरिस्ता से बात कर रहे थे। लेकिन इस वीडियो ने अफवाहें खत्म करने की बजाय नई बहस छेड़ दी। सोशल मीडिया पर लोग वीडियो के एक-एक फ्रेम को जांचने लगे और दावा किया, कि इसमें AI द्वारा बनाए जाने के संकेत दिख रहे हैं। Elon Musk की कंपनी के AI चैटबॉट Grok ने भी गलती से यह लिख दिया, कि यह वीडियो AI से बनाया गया है और यह पोस्ट एक लाख से ज़्यादा बार देखी गई।

    दूसरा वीडियो अंगूठी गायब हुई तो शक और बढ़ा-

    दूसरे वीडियो में नेतन्याहू यरुशलम में टहलते हुए आम लोगों से बात करते दिखे। एक जगह उन्होंने एक कुत्ते को देखकर पूछा “यह किसका कुत्ता है? कौन सी नस्ल है?” महिला ने जवाब दिया “Canaanite-Israeli”। लेकिन इस बार भी शक नहीं थमा। लोगों ने दावा किया कि वीडियो में नेतन्याहू की अंगूठी एक पल के लिए गायब हो जाती है और फिर वापस आ जाती है। एक उपयोगकर्ता ने लिखा “0:28 सेकंड पर उनके हाथ की अंगूठी गायब हो जाती है, यह AI है।”

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    तीसरा वीडियो-

    इन सभी दावों को खारिज करने के लिए नेतन्याहू ने तीसरा वीडियो जारी किया, इस बार अमेरिकी राजदूत Mike Huckabee के साथ। 17 मार्च को साझा इस वीडियो में नेतन्याहू ने खुद कहा, “मैं ज़िंदा हूं और पांचों उंगलियों से हाथ मिला रहा हूं।” यह पूरा प्रकरण एक बड़े खतरे की ओर इशारा करता है, जिसे ‘liar’s dividend’ कहते हैं यानी जब असली वीडियो को भी AI से बना हुआ बताकर झुठला दिया जाए। AI के इस युग में सच और झूठ के बीच की रेखा खतरनाक रूप से धुंधली होती जा रही है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।