Aligarh School Bus Accident: 28 फरवरी 2026 की शाम उत्तर प्रदेश के अलीगढ़-कासगंज मार्ग पर एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। गंगीरी क्षेत्र के माउंट इंटरनेशनल स्कूल की यूकेजी की छात्रा, 7 साल की अनन्या, अपने बड़े भाई गोलू के साथ स्कूल बस में घर लौट रही थी। यह सफर हर रोज़ की तरह सामान्य लग रहा था, लेकिन इस बार यह सफर अनन्या का आखिरी सफर बन गया।
टूटा फर्श, टूटा परिवार-
बस की हालत बेहद जर्जर थी। सीटें फटी हुई थीं और फर्श इतना सड़ चुका था, कि चलती बस में पिछले टायर के ऊपर वाली सीट के पास लोहे की चादर अचानक टूट गई। अनन्या उसी छेद से सीधे सड़क पर जा गिरी और बस का पिछला पहिया उसके ऊपर से गुज़र गया। बच्ची की मौत उसी वक्त हो गई।
📍अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
— खुरपेंची ढांचे (@Khurpenchinfra) March 1, 2026
8 साल की अनन्या स्कूल बस में इसी सीट पर बैठी थी। अचानक बस का फर्श टूट गया बच्ची नीचे गिरी और सीधे पहियों के नीचे आ गई। मौके पर ही मौत।
इस बस की हालत देखिए फटी सीटें, जगह–जगह टूटा फ्लोर। ये बस नहीं, बच्चों को ढोती हुई चलती–फिरती मौत थी… और सिस्टम तमाशा… pic.twitter.com/P8V7p62cYd
भाई की चीख, जो किसी ने नहीं सुनी-
जब अनन्या बस से गिरी, तो उसके भाई गोलू ने रोते हुए चिल्लाकर ड्राइवर से कहा. “अंकल बस रोकिए, बहन नीचे गिर गई।” लेकिन जब तक बस रुकी, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसके बाद जो हुआ वो और भी दिल दहला देने वाला था। ड्राइवर ने अनन्या के शव को बस की पिछली सीट पर छुपा दिया, भाई को किसी को न बताने की धमकी दी और परिजनों को फोन पर सिर्फ “थोड़ी चोट लगी है” कहकर मामले को दबाने की कोशिश की।
ग्रामीणों ने 2 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा ड्राइवर-
जैसे ही इलाके में खबर फैली, ग्रामीणों ने बस का पीछा किया और मलसई चौराहे पर उसे रोक लिया। ड्राइवर की जमकर पिटाई हुई और फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। परिवहन विभाग की जांच में सामने आया, कि बस का परमिट और बीमा दोनों खत्म हो चुके थे। 32 सीटों वाली उस बस में उस दिन 55 बच्चे ठूंसे हुए थे। ARTO ने बस का पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की है।
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जब सड़क बनी न्याय की मांग का मंच-
अनन्या के परिजनों और गुस्साए ग्रामीणों ने मुआवज़े और स्कूल प्रबंधन की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अलीगढ़-कासगंज मार्ग पर करीब तीन घंटे तक जाम लगाया। सीओ छर्रा ने परिजनों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और बस को कब्ज़े में लेकर जांच जारी है।
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