MH370 Missing Plane: ग्यारह साल पहले समुद्र की गहराइयों में कहीं गुम हो गई, मलेशियन एयरलाइंस की फ्लाइट MH370 को खोजने के लिए मलेशिया सरकार ने एक बार फिर से मुहिम शुरू करने का ऐलान किया है। यह खबर उन परिवारों के लिए राहत भरी है, जो पिछले इतने सालों से अपने प्रियजनों के बारे में कुछ जानने के लिए तरस रहे हैं। 8 मार्च 2014 की वह सुबह आज भी दुनिया के लिए एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है, जब 227 यात्रियों और 12 क्रू मेंबर्स को लेकर उड़ी यह फ्लाइट कुआलालंपुर से बीजिंग जाते हुए अचानक रडार से गायब हो गई।
क्यों फिर से शुरू हो रही है तलाश-
मलेशिया के ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की है, कि 30 दिसंबर से समुद्री खोज अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा। इस बार यह जिम्मेदारी ओशन इन्फिनिटी नाम की एक समुद्री खोज कंपनी को सौंपी गई है, जो समुद्र के उस इलाके में तलाश करेगी जहां विमान मिलने की सबसे ज्यादा संभावना है।
Harapan diteruskan.
— Kementerian Pengangkutan Malaysia (@MOTMalaysia) December 3, 2025
Operasi pencarian MH370 akan dimulakan semula oleh Ocean Infinity pada 30 Disember 2025.
Kerajaan Malaysia kekal teguh dalam usaha mencari jawapan dan menzahirkan solidariti kepada semua keluarga yang terkesan.
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मंत्रालय ने साफ किया है, कि यह कदम सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि उन परिवारों को न्याय दिलाने की सच्ची कोशिश है, जिन्होंने अपने करीबियों को खो दिया। पिछली बार मार्च 2025 में भी ओशन इन्फिनिटी ने खोज शुरू की थी, लेकिन खराब मौसम के चलते अप्रैल में इसे रोकना पड़ा था।
2014 से 2025 तक का सफर-
जब से यह विमान लापता हुआ है, तब से इसकी तलाश में कई देशों ने मिलकर काम किया है। भारत, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, वियतनाम, ब्रिटेन और अमेरिका ने अपने जहाज और विमान भेजकर इस खोज में मदद की। पहली बार 9 मार्च 2014 को ही खोज शुरू हो गई थी, लेकिन महीनों तक कोई सुराग नहीं मिला।
फिर जुलाई 2015 में फ्रांस के रियूनियन द्वीप पर विमान के दाहिने पंख का एक हिस्सा मिला, जिसने खोज का दायरा बढ़ा दिया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के तट पर एक खराब हालत में सूटकेस, चीनी पानी की बोतल और इंडोनेशियाई सफाई का सामान भी बरामद हुआ, लेकिन अधिकारी यह पुष्टि नहीं कर सके, कि ये चीजें MH370 के यात्रियों की थीं या नहीं।
परिवारों को मिलेगी तसल्ली-
मलेशिया सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह तलाश तीन मुख्य मकसद से की जा रही है। पहला, यह पता लगाना कि आखिर विमान का हुआ क्या। दूसरा, इसके गायब होने की असली वजह जानना। और सबसे अहम, उन परिवारों को सुकून देना जो इस हादसे से प्रभावित हुए हैं।
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ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, कि यह कदम सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस बार की खोज में एक खास बात यह है, कि मलेशिया सरकार ओशन इन्फिनिटी को 7 करोड़ डॉलर तभी देगी जब उन्हें विमान के महत्वपूर्ण अवशेष मिलेंगे।
यानी ‘नो फाइंड, नो फी’ के सिद्धांत पर काम होगा। यह खोज अभियान कुल 55 दिनों तक चलेगा और इस दौरान जांचकर्ता यह भी देखेंगे कि कहीं जानबूझकर तो विमान को रास्ते से नहीं भटकाया गया था। जैसे-जैसे समुद्र की गहराइयों में खोज आगे बढ़ेगी, दुनिया की निगाहें एक बार फिर इस रहस्य को सुलझाने की उम्मीद में टिकी रहेंगी।
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