Erfan Soltani: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी एरफान सोल्टानी को “खुदा के खिलाफ युद्ध छेड़ने” के आरोप में फांसी दी जाएगी। ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स के मुताबिक, देशभर में हो रहे एंटी-रिजीम प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों के बीच यह ईरान की पहली एक्जीक्यूशन होगी। देशव्यापी कम्युनिकेशन ब्लैकआउट के कारण फांसी के आदेश की पुष्टि नहीं हो पाई है।
लेकिन नॉर्वे स्थित कुर्दिश सिविल राइट्स ग्रुप ने कानूनी कार्यवाही में पारदर्शिता की कमी पर गंभीर चिंता जताई है। द यूएस सन की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोल्टानी परिवार ने हेंगो ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स को बताया, कि अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया है कि सजा फाइनल है और निर्धारित समय के अनुसार इसे अंजाम दिया जाएगा।
कौन है Erfan Soltani-
एरफान सोल्टानी तेहरान के पास कराज उपनगर के फार्डिस इलाके का 26 साल का युवा है। उसे जनवरी की शुरुआत से ईरान भर में फैले अयातुल्ला अली खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए गिरफ्तार किया गया था। एरफान पर “खुदा के खिलाफ युद्ध छेड़ने” का आरोप लगाया गया है, जो ईरान में मौत की सजा के योग्य अपराध है।
ईरान ह्यूमन राइट्स के अनुसार, एरफान के परिवार को बताया गया, कि उसे मौत की सजा सुनाई गई है और यह सजा 14 जनवरी को दी जानी है। नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी इन ईरान ने कहा कि एरफान का एकमात्र अपराध ईरान के लिए आजादी की मांग करना है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से फांसी रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है।
बुनियादी कानूनी अधिकारों से वंचित-
ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स का आरोप है, कि 26 वर्षीय एरफान को बुनियादी कानूनी अधिकारों से वंचित रखा गया है, जिसमें वकील तक पहुंच भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसकी बहन, जो एक लाइसेंस प्राप्त वकील है, उसे भी उसके केस फाइल की समीक्षा करने या उसका प्रतिनिधित्व करने से रोका गया है। हालांकि, एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है, कि सोल्टानी परिवार को 11 जनवरी को मौत की सजा की सूचना मिलने के बाद केवल 10 मिनट की संक्षिप्त मुलाकात की अनुमति दी गई थी।
लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई उद्यमी मारियो नवफल ने एक्स पर चेतावनी देते हुए आरोप लगाया कि एरफान की फांसी कई और फांसियों में से पहली हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अशांति में लगभग 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है और अधिकारी असंतोष को दबाने के लिए डर का उपयोग कर रहे हैं।
ईरान में खामेनेई विरोधी प्रदर्शन-
प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत में गंभीर आर्थिक संकट के बीच शुरू हुए, जिसमें ईरानी रियाल की कीमत में तेज गिरावट, बढ़ती महंगाई और जरूरी सामानों की बढ़ती कीमतें शामिल हैं। जो तेहरान के बाजारों में शुरू हुआ, वह जल्दी ही देशव्यापी हो गया और छात्रों, दुकानदारों और वर्किंग क्लास नागरिकों की भागीदारी देखी गई।
ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को दंगाई करार दिया है और एक व्यापक क्रैकडाउन शुरू किया है। ह्यूमन राइट्स न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम 544 लोग मारे गए हैं और 10,681 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेलों में स्थानांतरित किया गया है।
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पहले भी हो चुके हैं बड़े प्रदर्शन-
आखिरी बड़े प्रदर्शन 2022-2023 में हुए थे, जो महसा अमीनी की हिरासत में मौत के बाद शुरू हुए थे। महसा को कथित तौर पर महिलाओं के लिए इस्लामिक ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। 2009 में विवादित चुनावों के बाद बड़े पैमाने पर रैलियां हुई थीं।
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इस बार का प्रदर्शन आर्थिक परेशानियों से उपजा है, लेकिन जल्द ही यह व्यापक राजनीतिक विरोध में बदल गया है। एरफान सोल्टानी का मामला इस बात का प्रतीक बन गया है कि ईरान की सरकार किस तरह से अपने विरोधियों को कुचलने के लिए कठोर कदम उठा रही है।



