Trump Warning to Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान को सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा, कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देना शुरू किया, तो अमेरिका बहुत सख्त कार्रवाई करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी ने एयरस्ट्राइक को विकल्पों में शामिल बताया था।
पहले प्रदर्शनकारी को बुधवार को फांसी-
ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स के मुताबिक, ईरान 26 साल के इरफान सोलतानी को बुधवार को फांसी देने की तैयारी में है। इरफान को पिछले हफ्ते राजधानी तेहरान के पास कराज में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसे बिना किसी उचित ट्रायल के फांसी दी जाएगी।
ट्रंप ने दिया इंटरव्यू-
CBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “अगर वह ऐसा करते हैं, तो हम बहुत सख्त कार्रवाई करेंगे। जब वह हजारों लोगों को मारना शुरू करेंगे और अब आप मुझे फांसी के बारे में बता रहे हैं, तो देखते हैं, कि यह उनके लिए कैसे काम करता है।” ट्रंप ने यह इंटरव्यू मिशिगन की अपनी यात्रा के दौरान दिया जहां वे एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में गए थे।
ईरान में 3000 से ज्यादा मौतें-
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, कि देशभर में करीब 3000 लोग मारे जा चुके हैं। इनमें सैकड़ों सुरक्षा कर्मी भी शामिल हैं। हालांकि उन्होंने हिंसा के लिए आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया। एक अन्य सरकारी अधिकारी ने कहा, कि उन्होंने एक आंतरिक रिपोर्ट देखी है, जिसमें कम से कम 3000 मौतों का जिक्र है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर 544 मौतों की पुष्टि की है और 10000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं।
ईरानी अधिकारियों से मीटिंग रद्द-
ट्रंप ने कहा, कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी मीटिंग्स कैंसल कर दी हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की हत्या को बेमतलब की हत्या बताया और कहा, कि जब तक यह नहीं रुकता, कोई बातचीत नहीं होगी। एयर फोर्स वन में वाशिंगटन लौटते समय रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रंप ने बताया, कि उन्हें ईरान की स्थिति पर एक ब्रीफिंग मिलने वाली है।
सोशल मीडिया पर दिया संदेश-
ट्रंप ने अपने मिशिगन स्पीच में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए, अपने संदेश को दोहराया और ईरानी प्रदर्शनकारियों से कहा, कि “मदद आ रही है”। उन्होंने कहा, कि ईरान में असली मौतों का आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है। ट्रंप ने कहा, “मैं अलग-अलग नंबर सुनता हूं। देखिए, एक मौत भी बहुत ज्यादा है, लेकिन मैं कम नंबर भी सुनता हूं और ज्यादा नंबर भी सुनता हूं।”
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कम्युनिकेशन ब्लैकआउट जारी-
ईरानी अधिकारियों ने देश में लगभग पूर्ण संचार ब्लैकआउट लगा रखा है। मास प्रोटेस्ट जारी हैं और यह पिछले एक दशक की सबसे खूंखार क्रैकडाउन बताई जा रही है। मानवाधिकार संगठन लगातार इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। क्या आपको लगता है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ईरान के खिलाफ और सख्त कदम उठाने चाहिए?
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